कुछ महीने तक ग्राम पंचायतों को मनरेगा के कार्य कराने के लिए इंतजार करना होगा। विभाग की ओर से शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
जब तक केंद्र से अनुमति नहीं मिलेगी, तब तक इन ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य शुरू नहीं हो सकेंगे। जिले में ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन हुआ है। पहले 836 ग्राम पंचायतें थी।
लेकिन इस बार 989 ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान चुने गए हैं। जिले में इस बार 153 नई ग्राम पंचायतें गठित की गई है। पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायतों में भी अपनी सरकार बन गई है।
अब मनरेगा के कार्य आरंभ कराने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। मनरेगा की वेबसाइट पर ये ग्राम पंचायतें उपलब्ध नहीं हैं।
ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जमोड़ी, शंकरपुर, बरेथा, हथकुई, नवाबगंज समेत 153 ग्राम पंचायतों को वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
उसके बाद ही इन गांवों में मनरेगा के कार्य आरंभ हो सकेंगे। इसके लिए जिले के सभी ब्लॉकों से नई ग्राम पंचायतों से संबंधित पूरी रिपोर्ट मंगवाई गई है।
यह रिपोर्ट आने के बाद उसे प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। प्रदेश सरकारी सूची को ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार को भेजेगा। जिसके बाद ग्राम पंचायतों को मनरेगा की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
इस कार्य में कई महीने लग जाएंगे। ऐसे में नई ग्राम पंचायतों में मनरेगा से विकास कार्य कराने के लिए ग्राम प्रधानों को इंतजार करना होगा।
हालांकि जिले की नई 153 ग्राम पंचायतों के जॉब कार्डधारक मनरेगा में काम कर सकेंगे। नई ग्राम पंचायत जिस ग्राम पंचायत से कटकर आई है, उस ग्राम पंचायत में जॉब कार्डधारक काम मांग सकते हैं।
सिर्फ नई ग्राम पंचायत में काम नहीं होगा। जब तक नई ग्राम पंचायत मनरेगा की वेबसाइट पर अपलोड नहीं होगी, तब तक के लिए श्रमिकों को यह सुविधा दी गई है।
उपायुक्त मनरेगा एसके उपाध्याय का कहना है कि नई 153 ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट मंगवा ली गई है। इसको शासन को भेजा जा रहा है।
जल्द ही इन ग्राम पंचायतों को भारत सरकार की ओर से मनरेगा की वेबसाइट पर अपलोड करा दिया जाएगा। जिसके बाद इन ग्राम पंचायतों में भी मनरेगा के कार्य आरंभ हो जाएंगे।