रायबरेली। जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशुमान सिंह को रंजिश में गोली मारी गई थी। लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में घायल चिकित्सक का इलाज चल रहा है। पीठ के पीछे लगी गोली को डॉक्टरों की टीम ने बाहर निकाल दिया है। इससे उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई गई है।
इस मामले में दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। फुरसतगंज पुलिस घटना की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि घटना में चिकित्सक के किसी करीबी का हाथ हो सकता है। पुलिस चिकित्सक के करीबियों के बारे में पता लगा रही है कि उनसे अंशुमान सिंह की कोई रंजिश तो नहीं थी।
अमेठी जिले के सीएचसी फुरसतगंज में रविवार की शाम उस समय डॉ. अंशुमान सिंह को गोली मार दी गई थी, जब वह अपने आवास पर बैठे थे। अंशुमान की तैनाती जिला महिला अस्पताल रायबरेली में है, लेकिन वह अभी सीएचसी स्थित अपने आवास में रहते हैं। हालत गंभीर होने पर चिकित्सक को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था।
पुरुष जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अल्ताफ हुसैन घायल चिकित्सक के साथ रातभर रहे और इलाज कराने में मदद की। वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट का कहना है कि चिकित्सक की हालत अब खतरे से बाहर है। अब वह बातचीत कर रहे हैं।
पीठ से एक गोली निकाल दी गई है। खून भी चढ़वाया गया। सीओ तिलोई राजकुमार सिंह का कहना है कि घटना के पीछे रंजिश की बात सामने आ रही है। दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
चिकित्सकों में आक्रोश, गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
रायबरेली। चिकित्सक अंशुमान सिंह पर हुए जानलेवा हमले को लेकर डॉक्टरों ने आक्रोश जताया है। पुरुष जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अल्ताफ हुसैन, जिला महिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक एसपी दीक्षित, ईएमओ संतोष सिंह, अतुल पांडेय, वरिष्ठ सर्जन डॉ. जेकेलाल आदि ने घटना पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं होने से चिकित्सक अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यदि जल्द ही हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। इस मामले में अमेठी पुलिस प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।