रायबरेली। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती लावारिस नवजात को मंगलवार को राजकीय शिशु गृह लखनऊ भेज दिया गया है।
इससे पहले केंद्रीय दत्तक गृहण प्राधिकरण (सीएआरए) की टीम ने जिला अस्पताल पहुंचकर नवजात का हाल जाना। अस्पताल में अनचाहे नवजातों के लिए पालना की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। एक से डेढ़ महीने के अंदर पालना की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
23 अगस्त को शहर कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ-इलाहाबाद हाईवे पर मामा चौराहे के पास झाड़ियों में झोले में भरा नवजात मिला था।
उसके रोने से लोगों को जानकारी हुई जिसके बाद उसे तुरंत जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया था। भर्ती होने के बाद से लगातार नवजात का इलाज हो रहा था। मंगलवार को नवजात को राजकीय शिशु गृह लखनऊ भेज दिया गया है।
इससे पहले सीएआरए की एडवाइजरी कमेटी की सदस्य सुषमा खर्कवाल व बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष देशराज मौर्या की टीम जिला अस्पताल पहुंची।
सीएमएस से नवजात के संबंध में जानकारी लेने के बाद टीम बच्चा वार्ड पहुंची और नवजात की सेहत देखी। हालांकि इस दौरान कई लोगों ने नवजात को गोद लेने की पेशकश की, लेकिन उन्हें ऑनलाइन आवेदन करने की सलाह दी गई।
टीम ने डेढ़ माह के अंदर पालना की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए, जिससे अनचाहे नवजात को बाहर न फेंककर पालना में रखा जा सके। सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि नवजात को पुलिस की अभिरक्षा में राजकीय शिशु गृह लखनऊ भेजवा दिया गया है।