रायबरेली। शहर से सटे दरियापुर स्थित एम्स में 1400 छात्रों की क्षमता के छात्रावास व स्टाफ के लिए आवास निर्माण का काम पूरा होने के बाद अब 600 बेड का एम्स हॉस्पिटल (चिकित्सीय परिसर) बनाने का काम शुरू हो गया है। इस काम में 278 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। चिकित्सीय हॉस्पिटल का निर्माण सर्विस कंसल्टेंसी कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड करा रही है। कार्यदायी संस्था को जून 2020 तक काम पूरा करके देना है, जिसके बाद एम्स पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा।
दरियापुर स्थित एम्स में इसी महीने ओपीडी शुरू होने वाली है। इसके लिए अस्थायी ओपीडी भवन बनवाया गया है। सरकार ने 1400 छात्रों के लिए छात्रावास और एम्स के स्टाफ के लिए भवनों के निर्माण का काम भी पूरा करा दिया है। फिलहाल इससे ओपीडी शुरू हो सकती है, लेकिन एम्स हॉस्पिटल के शुरू होने में समय लग सकता है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 278 करोड़ की लागत से एम्स हॉस्पिटल के भवन के निर्माण का काम तेजी से शुरू करा दिया गया है। यह काम सर्विस कंसल्टेंसी कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड को दिया गया है। उसे इस काम को जून 2020 तक पूरा कराने के आदेश दिए गए हैं, जिसके बाद एम्स हॉस्पिटल पूरी तरह शुरू हो जाएगा।
ओपीडी शुरू कराने का काम और तेज हुआ
बीते गुुरुवार को पीजीआई चंडीगढ़ की टीम के यहां आने के बाद एम्स की ओपीडी को शुरू कराने के लिए व्यवस्था को पूरा कराने का काम तेज हो गया है। टीम को निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां मिलीं, उन्हें दूर कराया जा रहा है। ओपीडी के लिए भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद 23 जुलाई को चिकित्सकों व अन्य 100 लोगों के स्टाफ को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। 26 जुलाई को सभी यहां आकर जॉइन करेंगे, जिसके बाद जल्द से जल्द जरूरी संसाधनों को जुटाकर ओपीडी शुरू कराई जाएगी।
काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद एम्स के हॉस्पिटल के भवन निर्माण का काम शुरू करा दिया गया है। करीब 278 करोड़ की लागत से चिकित्सीय व 600 बिस्तर का अस्पताल बनवाया जाएगा। जून 2020 तक काम को पूरा कराया जाएगा। काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
- विक्रम सत्यपति, अधिशाषी अभियंता, सर्विस कंसल्टेंसी कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड