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बिजली के लिए हाहाकार

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अंधाधुंध कटौती से भड़का जनाक्रोश
रायबरेली। बिजली की अंधाधुंध कटौती से जिले भर में त्राहि-त्राहि मच गई है। शहर में जहां कई चरणों में 10 घंटे की कटौती हो रही हैं। वहीं गांवों में महज पांच से छह घंटे ही बिजली मिल रही है। इससे खफा व्यापारियों, किसानों और ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। लोगों ने सड़क पर उतर कर पावर कॉर्पोरेशन के खिलाफ भड़ास निकाली। कानपुर हाईवे और सरेनी कस्बे में मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। हरचंदपुर में उपकेंद्र का घेराव किया। जिला मुख्यालय पर व्यापारियों ने पावर कॉर्पोरेशन का पुतला फूंका। अमेठी के सेमरौता में भी रोड जाम कर पुतला फूंका गया। लोगों ने कहा कि बदहाल बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष आशीष द्विवेदी की अगुवाई में व्यापारियों ने चंदापुर चौराहे पर पावर कॉर्पोरेशन का पुतला फूंका। कहा कि अंधाधुंध बिजली कटौती की जा रही है। इससे बच्चे, बुजुर्ग सभी परेशान हो रहे हैं। विभागीय अधिकारी ऊपर से कटौती का आदेश बता कर पल्ला झाड़ते हैं। चेतावनी दी कि यदि बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर जीतेंद्र सिंह, सतीश वर्मा, राजेंद्र बाजपेयी, आरसी त्रिवेदी, अब्दुल वाहिद घोसी आदि मौजूद रहे।
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उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष बसंत सिंह बग्गा की अगुवाई में व्यापारियों ने अधिशासी अभियंता अशोक कुमार दोहरे को ज्ञापन सौंपा और बिजली व्यवस्था में सुधार किए जाने की मांग की। जावेद अहमद, मनोज गुप्ता, अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि बिजली कटौती से व्यवसाय चौपट हो रहा है। जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार आपूर्ति की जाए।
सतांव प्रतिनिधि के अनुसार विकास खंड सतांव के ग्राम दरीबा तिराहे के पास भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के जिला अध्यक्ष दयाशंकर चौधरी के नेतृत्व में किसानों ने कानपुर हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। इससे आवागमन ठप रहा। किसानों ने कहा कि महज पांच से छह घंटे बिजली मिल रही है। उसमें भी लो-वोल्टेज की समस्या होने के चलते नलकूप की मोटरें चल नहीं पाती हैं। नहरों में पानी नहीं आने से धान की फसल सूख रही है। सूचना पर एसडीओ एसएन यादव के अलावा स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। किसानों को समझा बुझाकर शांत कराया। पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर नीरज, रामसजीवन, धर्मेंद्र कुमार, बचनू, उमाशंकर चौधरी आदि मौजूद रहे।
सरेनी प्रतिनिधि के मुताबिक बिजली कटौती से नाराज व्यापारियों व किसानों ने सरेनी मार्ग जाम कर दिया। इससे वाहनों की रफ्तार थम गई। पावर कॉर्पोरेशन का पुतला फूंका। खफा किसानाें ने उपकेंद्र में ताला बंद करके प्रदर्शन किया। पुलिस ने समझाया, लेकिन जाम नहीं हटाया। एसडीओ प्रदीप कुमार वर्मा ने समझा बुझाकर शांत कराया। दो घंटे तक जाम लगा रहा। इस मौके पर मंटू सिंह, बलराम सिंह, जीत नारायण, अमरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। हरचंदपुर प्रतिनिधि के मुताबिक लो-वोल्टेज और कटौती की समस्या से जूझ रहे उपभोक्ताओं ने विद्युत उपकेंद्र का घेराव किया। कहा कि एक शेड्यूल के मुताबिक बिजली नहीं मिल रही है। जो मिल रही है, उससे नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। घेराव की जानकारी होने पर अवर अभियंता मुकेश भारतीय मौके पर पहुंचे। किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया। एक सप्ताह में बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने का भरोसा दिया।
सिंहपुर प्रतिनिधि के मुताबिक ब्लॉक क्षेत्र के उपभोक्त बिजली कटौती को लेकर उपकेंद्र में ताला जड़ दिया। सभी उपकेंद्र के सामने पावर कॉर्पोरेशन का पुतला फूंका। कहा कि बिजली की आंख-मिचौली से लोगों हाल बेहाल है। उपभोक्ताओं को पांच घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है। परमानंद मिश्र, सुरेश अग्निहोत्री, नीरज शुक्ला, अवनीश तिवारी आदि ने जेई कुलदीप कुमार को को ज्ञापन सौंपकर भरपूर बिजली दिए जाने की मांग की।

सूख रहीं फसलें, सुनवाई नहीं
सतांव। किसान भास्करदत्त, सतीश कुमार, रविराज, हरी प्रसाद, संदीप कुमार, बचनू का कहना है कि बिजली की समस्या से फसलें सूख रही हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस समय धान की फसल पकने की कगार पर है, लेकिन बिजली कटौती से पानी नहीं मिल पा रही है। नहरों में पानी नहीं आ रही है। पता नहीं सरकारों को किसानों पर कब रहम आएगा।

जाम, प्रदर्शन की पुलिस ने की वीडियो रिकॉर्डिंग
जिले में बिजली को लेकर हुए हंगामे, रोड जाम, प्रदर्शन, घेराव को लेकर पुलिस मोबाइल फोन से रिकॉर्डिंग करती रही। जाहिर है कि जाम लगाने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। रिकॉर्डिंग को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति भी जताई, लेकिन पुलिस वाले अपने काम में चोरी छिपे लगे रहे।

कोयले की कमी से घट गया उत्पादन
पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कोयले की कमी के चलते विद्युत उत्पादन घट गया है। इसका संकट जिले के उपभोक्ताओं को ही नहीं, बल्कि यह समस्या पूरे प्रदेश में हैं। अभियंताओं का दावा है कि पूर्वांचल और बिहार में बाढ़ आने से कोयले की कमी हो गई है। अब जो कोयला मिल रहा है, वह गीला है। इस वजह से उत्पादन कम हो गया है। यह समस्या अभी एक सप्ताह तक रहने की उम्मीद हैं।
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मांग के सापेक्ष नहीं मिल रही बिजली
मांग के सापेक्ष बिजली नहीं मिल रही है। जिले को 140 से 150 मिलियन यूनिट की जरूरत है, लेकिन इस समय 70 मिलियन यूनिट बिजली मिल रही है। लोकल स्तर पर कोई कटौती नहीं की जा रही है। यह समस्या अभी एक सप्ताह तक बने रहने की उम्मीद है। लगातार उच्चाधिकारियों से वार्ता की जा रही है। मांग के सापेक्ष बिजली मिलने ही समस्या दूर हो जाएगी।-पंकज श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता पावर कॉर्पोरेशन
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