18 घंटे कटौती से 32 लाख आबादी बेहाल
रायबरेली। जिले की बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई है। जिले में इस समय बिजली की मांग 140 मिलियन यूनिट हैं, जबकि उपलब्धता 80 से 90 मिलियन यूनिट ही है। शहर से लेकर गांवों में जबरदस्त कटौती हो रही है। मंगलवार रात करीब नौ बजे पूरे जिले की बिजली आपूर्ति एक साथ ठप हो गई। आधी रात के बाद बिजली आई तो सुबह तक कई बार ट्रिपिंग होती रही। बुधवार दिन में तीन घंटे की कटौती की गई तो शाम को 4 बजे फिर रोस्टिंग कर दी गई। देर रात तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई। रात और फिर दिन में कटौती से लोग बेहाल रहे। शहर में कटौती से आम नागरिकों, छात्रों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आने-जाने का समय ही निश्चित नहीं है। पावर कॉर्पोरेशन जिले को मांग के सापेक्ष बिजली उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रहा है। जिले में इस समय बिजली की मांग 140 मिलियन यूनिट हैं, जबकि उपलब्धता 80 से 90 मिलियन ही है। इससे जिले भर में जबरदस्त बिजली कटौती से 32 लाख आबादी बेहाल है।उपभोक्ता उपकेंद्रों का घेराव कर रहे हैं, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं। जिले की बिजली मंगलवार रात करीब 9 बजे अचानक ठप हो गई। देर रात 12 बजे के बाद आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन आने-जाने का सिलसिला लगा रहा। बुधवार दोपहर भी कई घंटे की बिजली कटा दी गई। इसके बाद शाम 4 बजे से फिर कटौती कर दी गई। सलोन देहात, ऊंचाहार, सरेनी, महराजगंज क्षेत्र की आपूर्ति भी दिन भर ठप रही है। गर्मी और उमस से लोगों बेहाल है। पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं के पास बस यही रटारटाया जवाब रहता है कि रोस्टिंग के चलते बिजली बंद हुई है, जबकि फॉल्ट और कनेक्शन काटने के नाम पर कई घंटे बिजली बंद रहती है।
बिजली कटौती से हर कोई बेहाल
मौजूदा समय में बिजली के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। मधुबन रोड निवासी प्रभाकर, शहजादा कोठी निवासी उमेश सिकरिया ने कहा कि दिन-रात बिजली कटौती से हर कोई बेहाल है। घंटों आपूर्ति ठप होने से इनवर्टर की बैट्री भी चार्ज नहीं हो रही है। रात में सड़क पर टहलकर समय काटना पड़ता है। अमरेशपुरी कॉलोनी निवासी श्याम, नेहरू नगर के यागेश कुमार, प्रभुटाउन की रहने वाली अनुराधा, गुरुनानक नगर निवासी वर्षा राजपाल ने कहा कि बिजली कटौती से दिन का चैन और रात की नींद हराम हो गई है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चे, बुजुर्गों को होती है। दिन भर ट्रिपिंग और रात में रोस्टिंग से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी के लिए भी समस्या झेलनी पड़ रही है।
लोकल स्तर पर नहीं होती कोई कटौती
ट्रांसमिशन से जो भी बिजली दी जाती है। उसका वितरण किया जाता है। लोकल स्तर पर कोई कटौती नहीं होती है। फॉल्ट आने पर उसे दुरुस्त करने के निर्देश सभी अवर अभियंताओं को दिए गए हैं।-पंकज कुमार श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता पावर कॉर्पोरेशन