नौ झोलाछाप के ठिकानों पर छापे
रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को नौ झोलाछाप के ठिकानों पर छापे मारे। इस इस दौरान झोलाछाप रोगियों का इलाज करते पाए गए। मौके पर कोई झोलाछाप दस्तावेज नहीं दिखा सका। सभी को नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
एसीएमओ डॉ. रजत चौरसिया और जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी एके पांडेय की टीम ने झकरासी चौराहे पर बृजेश सिंह व बबलू यादव, भदोखर में एमए खान, शंकरगंज मेजरगंज में सर्वेश प्रताप सिंह, दूलागंज सनही में असीम कुमार, गऊवा चौराहा सूची में रोहित कुमार कौशल के यहां छापा मारा। यहां पर रोगियों का इलाज किया जा रहा था। छापे से भगदड़ मच गई। झोलाछाप कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए। इसके बाद सूची में छोटेलाल, बगहा चौराहा में बजरंगीलाल, राजेंद्र कुमार वर्मा के कमालगंज बाजार स्थित जीवन ज्योति नर्सिंग होम में छापा मारा। यहां पर भी काफी कमियां मिली। एसीएमओ का कहना है कि सभी को नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
छापेमारी के नाम पर चल रहा सिर्फ नाटक
एक तरफ झोलाछाप रोगियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, वहीं छापेमारी के नाम पर सिर्फ नाटक किया जा रहा है। मौके पर कोई दस्तावेज नहीं मिल रहे हैं। रोगियों का इलाज किया जा रहा है। झोलाछाप के यहां से मिली दवाइयां भी ठीक नहीं हैं। बावजूद इसके नोटिस देने की बात कहकर मामले की इतिश्री कर ली गई। टीम वापस लौट आई। वहीं झोलाछाप फिर रोगियों का इलाज करने लगे। दुकान को सीज तक नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि अफसरों की मिलीभगत से ही झोलाछाप का धंधा फलफूल रहा है। पहले नोटिस दिया जाता है। सेटिंग होेने के बाद सबकुछ टांय-टांस फिस्स हो जाता है। पहले जिन झोलाछाप के यहां छापे मारे गए। खामियां मिली, नोटिस दिया गया। कार्रवाई कुछ नहीं की गई। हालांकि सीएमओ डॉ. डीके सिंह का दावा है कि लापरवाहों पर कार्रवाई की जाएगी।