डेंगू के तीन संदिग्ध और बुखार से आठ पीड़ित मिले
डलमऊ (रायबरेली)। तहसील क्षेत्र में बुखार से बच्चे समेत तीन लोगों की मौत के बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम सेमौरी गांव पहुंची। टीम को डेंगू के तीन संदिग्ध रोगी और बुखार के आठ रोगी और मिले। सभी की जांच कर दवा दी।
डलमऊ तहसील क्षेत्र के सेमौरी गांव निवासी राकेश कुमार (25), पूरे कुटी मजरे घोरवारा निवासी रामेश्वर (80) और पूरे सुबेदार मजरे बरारा निवासी मो. शरीफ (6) की बुखार में चपेट में आने से रविवार को मौत हो गई थी। सोमवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डलमऊ डॉ. विनोद सिंह चौहान और जिला मुख्यालय से डॉ. ऋषि बागची, डॉ. राजेश गिरि, अजय कुमार, महेश, राम बहादुर की टीम सबसे पहले सेमौरी मजरे बरारा बुजर्ग गांव पहुंची। यहां पर सुनहरा देवी (62), अयोध्या प्रसाद (65), आशीष कुमार (9) बीमार मिले, जिनमें डेंगू के लक्षण दिखे। इस पर इनकी रक्त पट्टिका बनाकर जांच के लिए भेजी गई। इसी गांव में गंगा देवी (64), रामरती (63), शिवपति (40), गुरुदेई (60), कोमल (17), सुमन (11), उमेश (21), प्रदीप कुमार (8), मायादेवी (48) बुखार से पीड़ित मिले, जिनका इलाज किया गया। इसके अलावा पूरे कुटी और पूरे सुबेदार भी स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची, लेकिन वहां पर सब कुछ ठीकठाक मिला।
दवा का वितरण नहीं कराया गया
डलमऊ स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी विनोद सिंह चौहान ने बताया कि एक सप्ताह पहले विकास खंड अधिकारी के माध्यम से गांव में छिड़काव के लिए दी गई दवा का वितरण नहीं कराया गया। इससे प्रधानों के माध्यम से दवा का छिड़काव नहीं किया जा सका। संक्रामक रोग से निपटने को दवा का वितरण नहीं हो पा रहा है। पत्र के माध्यम से दवा का छिड़काव गांवों में कराने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि लोग घरों के आसपास जलभराव न होने दें। बेकार पड़ी वस्तुओं में बरसात आदि का भरा पानी फेंक दिया जाए। आबादी क्षेत्र में कूड़ा-करकट, गोबर आदि ना डाला जाए तथा नालियां, कुएं तालाब आदि में छिड़काव के लिए अपने ग्राम प्रधान से संपर्क करें तथा बुखार होने पर सरकारी अस्पताल में इलाज कराएं।