टेंडर होने के बावजूद काम नहीं कराने का गरमाया मुद्दा
- गहमागहमी के बीच सभासदों की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
ऊंचाहार (रायबरेली)। नगर पंचायत ऊंचाहार में गुरुवार को गहमा गहमी के बीच सभासदों की बैठक हुई। इसमें टेंडर होने के बावजूद काम नहीं कराए जाने पर सभासदों ने हंगामा किया। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी के न होने पर सभासदों ने विरोध जताया। चेयरमैन प्रमोद गुप्ता ने किसी तरह सभासदों को समझा बुझाकर शांत कराया। हंगामे के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय पहुंचे और क्षेत्र का विकास कराने का भरोसा दिया।
बैठक में सभासद असलम ने वार्ड नं.10 में काफी पहले हुए टेंडर में अब तक कार्य न होने का मामला उठाया तो सभासद ममता पांडेय ने पूर्व के सभी प्रस्तावों को निरस्त कर नए प्रस्ताव पास कराने की बात कही। सभासदों ने कमीशनबाजी के चलते गुणवत्तापूर्ण कार्य न होने का मुद्दा भी जोरदारी से उठाया। नगर में बजबजाती नालियों पर भी ध्यान आकृष्ट कराया। सभासद प्रेमनारायण गुप्ता ने भी कहा कि पूर्व में विकास कार्य कराने के कई टेंडर पास हुए, लेकिन उनमें ज्यादातर काम अब तक अधूरे हैं या फिर हुए ही नहीं हैं। इससे नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं से जूझना पड़ रहा है।
ममता पांडेय ने प्रत्येक वार्ड में पानी की समुचित सप्लाई न होने पर नाराजगी जताई। कहा कि पेयजल समस्या से लोगों को दो चार होना पड़ रहा है। नागरिकों ने कई बार आवाज भी उठाई गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया। बैठक की कार्यवाही वरिष्ठ लिपिक सुशील ने संपन्न कराई। इस मौके पर असलम, लालू, नारेंद्र गुप्ता, मुन्ना यादव आदि मौजूद रहे।
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बिना मेरी सहमति के कराई गई बैठक : ईओ
रायबरेली। नगर पंचायत ऊंचाहार की बैठक में शामिल नहीं होने पर अधिशासी अधिकारी पवन किशोर का कहना है कि बिना उनकी सहमति की बैठक बुलाई गई। उनके पास सलोन व परशदेपुर की भी जिम्मेदारी है। काम का हवाला देकर मौखिक रूप से बैठक की तिथि बदलने का अनुरोध किया गया था, लेकिन मनमाने तरीके से बैठक कर ली गई। उनके विभागीय मंत्री की समीक्षा बैठक थी। इसलिए वह उसमें व्यस्त थे। ईओ का कहना है कि चेयरमैन की सहमति पर ईओ एजेंडा जारी करता है, लेकिन यह काम भी उनकी अनुमति के बगैर कर लिया गया।