भर्र्ती घोटाले में जिला युवा अधिकारी दोषी, प्रतिकूल प्रविष्टि, चयन होगा निरस्त
रायबरेली। जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग में की गई पीआरडी जवानों की भर्ती में हुए घपले में जिला युवा कल्याण अधिकारी दोषी पाए गए हैं।
सीडीओ ने जिला युवा कल्याण अधिकारी को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही महानिदेशक से वसूली और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। इसके अलावा संबंधित जवान के चयन को निरस्त करने की भी संस्तुति की है।
शासन की मंशा पर प्रदेश में जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग में 700 पीआरडी जवानों की भर्ती हुई थी। इसमें पांच जवानों की भर्ती जिले स्तर पर भी कराई गई।
मार्च महीने में भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीआरडी मानदेय कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के भर्ती प्रक्रिया पर अंगुली उठा दी थी। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रामनरेश यादव ने मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई।
आरोप लगाया कि बिना शारीरिक परीक्षण के चयन समिति के पदाधिकारियों को गुमराह करके भर्ती प्रक्रिया पूरी कराई गई। मुख्यमंत्री के आदेश पर सीडीओ की अध्यक्षता की टीम ने जांच की।
जांच के दौरान पांचों पीआरडी जवानों की शारीरिक दक्षता की जांच दोबारा पुलिस लाइंस में कराई गई। इसमें राजकुमार की लंबाई करीब 165.2 सेंटीमीटर पाई गई है, जबकि मानक के अनुसार 167.7 सेंटीमीटर से अधिक लंबाई वालों का ही चयन पीआरडी में होना था।
जांच में पाया गया कि जिला युवा कल्याण अधिकारी ने वास्तविक तथ्यों को छुपाकर भर्ती प्रक्रिया को पूरा करा दिया। मामले में दोषी पाए गए जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी एमएल रमन व कनिष्ठ लिपिक आशुतोष उपाध्याय को विश्ेाष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही वसूली और विभागीय कार्रवाई के लिए विभाग के महानिदेशक को पत्र भेजा है।
सीडीओ ने राजकुमार के चयन को भी निरस्त करने की संस्तुति की है। मुख्य विकास अधिकारी जिला राकेश कुमार ने बताया कि युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी ने साक्ष्यों को छुपाकर चयन प्रक्रिया को पूरा कराया था।
जांच में दोषी पाए जाने पर अधिकारी व कर्मचारी को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ ही महानिदेशक को विभागीय कार्रवाई, धन की वसूली व राज कुमार के चयन को निरस्त किए जाने की संस्तुति की गई है।