ायस (रायबरेली)। अमेठी जिले के जायस विद्युत उपकेंद्र का पैनल जलने से क्षेत्र की करीब 50 हजार से अधिक आबादी बिजली-पानी संकट झेल रही है।
खराब पैनल को न बदलने से उपभोक्ता परेशान हैं। लेकिन पावर कॉर्पोरेशन के अफसर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपनी जान बचाने में जुटे हैं।
अभियंताओं ने उपकरण खराब होने की जानकारी पैनल लगाने वाली फर्म केईआई को दी है, लेकिन डेढ़ महीने बीतने के बावजूद अब तक पैनल नहीं बदला जा सका है।
इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। एक पैनल से दो-दो फीडर चलाए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली नहीं मिल रही है। लो-वोल्टेज व ट्रिपिंग के कारण बिजली संकट गहरा गया है।
जायस उपकेंद्र से पांच फीडर जायस, सलोन, जलनिगम, तिलोई, बहादुरपुर निकले हैं। इन फीडरों से करीब तीन लाख आबादी को बिजली और पानी की आपूर्ति होती है।
करीब डेढ़ महीने पहले शॉर्ट सर्किट के साथ उपकेंद्र के तिलोई और जन निगम फीडर में आग लग गई थी। इससे दोनों फीडर खराब हो गए थे।
इन दोनों फीडरों का लोड अन्य फीडरों पर रखकर आपूर्ति की जा रही है, लेकिन ओवर लोड होने के चलते फीडर सही ढंग से नहीं चल पा रहे हैं। तीन दिन पहले फिर उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र का घेराव कर प्रदर्शन किया था।
इस पर किसी तरह तिलोई फीडर की मरम्मत करके चालू किया गया, लेकिन जल निगम फीडर का पैनल अभी भी खराब है।
इस फीडर को दूसरे पैनलों से चलाया जा रहा है, लेकिन ओवर लोड होने के चलते लोगों को भरपूर बिजली नहीं मिल रही है। उपकेंद्र का खराब हुआ पैनल आईपीडीएस योजना के तहत दिल्ली की केईआई फार्म ने बदलवाया था।
घटिया क्वाटिली होने के चलते पैनल खराब हो गया। गारंटी में होने के बावजूद फर्म पैनल को नहीं बदलवा रही है। इससे 50 हजार की आबादी परेशान है।
उधर, केईआई के मैनेजर मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि पैनल खराब होने की जानकारी मिली है। जिस कंपनी से पैनल खरीदा गया है। उसे अवगत करा दिया गया है। जल्द पैनल बदलवाया जाएगा।