जिले में लागू होगा ‘रायबरेली पैरवी मुकदमा’ मॉडल
रायबरेली। अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने और आम आदमी को इंसाफ दिलाने के लिए पुलिस महकमे की ओर से जिले में ‘रायबरेली पैरवी मुकदमा’ मॉडल शुरू किया जाएगा।
इसको लागू करने के लिए पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। थानों पर मुकदमों के तहत रखे गए माल (सामान) को कंप्यूटराइज्ड कराया गया है।
मकसद यदि कोर्ट से किसी संबंधित मुकदमे के माल की जानकारी ली जाए तो उसे आसानी से कोर्ट में उपलब्ध कराया जा सके। खास ये कि थानों पर तैनात पैरोकार के साथ-साथ इसकी पूरी जिम्मेदारी एसपी, एएसपी, सीओ, थानेदार तक की भी रहेगी।
हत्या, लूट, चोरी समेत अन्य घटनाओं के दौरान घटनास्थल से बरामद किए जाने वाले माल (सामान) अपराधियों को सजा दिलाने में अहम साबित होते हैं।
इसीलिए हर थाने पर मालखाने होते हैं। कोर्ट में गवाही के दौरान थाने पर तैनात पैरोकार को माल मुहैया कराना पड़ता है। बावजूद मामले पुराने होने पर थानों पर कोर्ट के मांगने पर तत्काल माल उपलब्ध नहीं हो पाते।
इस वजह से कई मामलों में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती। इससे पीड़ित परिवार को इंसाफ नहीं मिल पाता और अपराधी सलाखों के अंदर जाने से बच जाते हैं।
हर आपराधिक मामले में कोर्ट में माल उपलब्ध कराने के लिए पुलिस महकमे ने नया खाका तैयार किया गया है, जिसका नाम रायबरेली पैरवी मुकदमा मॉडल दिया है।
इसके तहत सभी 18 थानों पर 14 हजार 775 माल को कंप्यूटराइज्ड कराया गया है। घटनाओं से संबंधित कोई भी माल अब कोर्ट में पेश करके अपराधियों को सजा दिलाई जाएगी। साथ-साथ मामलों की सही रूप से पैरवी भी कराई जाएगी, ताकि अपराधी किसी कीमत पर छूटने न पाए।