चेतावनी बिंदु छूने को बेताब गंगा
अमर उजाला ब्यूरो
डलमऊ (रायबरेली)। पतित पावनी गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु छूने को बेताब है। बुधवार को जलस्तर 97.450 मीटर पर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग की मानें तो हर घंटे दो सेंटीमीटर जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। इससे कभी भी खतरे की घंटी बज सकती है। एक हजार से ज्यादा बीघे की जमीन की मिट्टी कटान हो रही है। बढ़ते जलस्तर की वजह से कटरी क्षेत्र के रहने वाले किसानों में हड़कंप मच गया है। नदी किनारे बोई गई उड़द, मूंगफली आदि की फसल डूब गई है। इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर जाएगा।
गंगा नदी का खतरे का निशान 99.360 मीटर और चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर है। इधर, गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बुधवार शाम तक जलस्तर 97.450 मीटर रिकॉर्ड किया गया। हर घंटे दो सेंटीमीटर पानी चेतावनी बिंदु की तरफ बढ़ रहा है। जिस तरह जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है, उससे किसानों में दहशत है। कटरी क्षेत्र में किसान उड़द, मूंगफली आदि की फसलों की बोवाई करते हैं, जो पानी में डूब गई है। सबसे ज्यादा किसान इसलिए परेशान हैं कि उपजाऊ मिट्टी की कटान होकर पानी में बह रही है। इसका असर फसल उत्पादन पर पडे़गा। गंगा कटरी क्षेत्र के किसान गंगा दयाल, प्रमोद कुमार, श्रीकृष्ण, सार्जन प्रसाद, रामसेवक आदि ने बताया कि गंगा का पानी बढ़ता जा रहा है। फसलें डूब रही हैं। उपजाऊ मिट्टी पानी में बह रही है। गंगा की धारा से बहकर आए खरपतवार खेतों की फसल के उत्पादन में बाधक बन जाती है। इससे पानी कम होेने पर फसल उत्पादन नहीं होता। नदी का पानी चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच रहा है। यही हाल रहा तो पानी से गांव घिर जाएंगे। इससे लोगों में भय व्याप्त है।
बाढ़ के समय हुए कटान में किसी प्रकार की कोई भूमिधरी का नुकसान नहीं होता और हर स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ संभावित क्षेत्र के क्षेत्रीय लेखपालों निगरानी करने के निर्देश दे दिए गए हैं। चेतावनी बिंदु से पानी अभी काफी दूर है। बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी की गई है।- प्रदीप कुमार वर्मा, एसडीएम डलमऊ