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पूर्व सीएम अखिलेश ने परिवार को दिया न्याय का भरोसा

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पूर्व सीएम ने परिवार को दिया न्याय का भरोसा
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रायबरेली। अप्टाकांड मामले में पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सपा नेताओं के साथ गए प्रधान और उनके परिवार को न्याय का भरोसा दिया है। कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच के लिए विधायक दल और सर्वदलीय टीम राज्यपाल और सीएम से मिलेगी। सपा का प्रतिनिधि मंडल अप्टा गांव क्यों नहीं गया। इसकी भी जांच कराई जाएगी। यह बात बुधवार को सुपर मार्केट में मीडिया से बातचीत में सदर विधानसभा क्षेत्र सपा के पूर्व प्रत्याशी आरपी यादव और राजेश चंद्रा के साथ प्रधान रामश्री यादव ने कही। उन्होंने कहा कि गत दिवस लखनऊ में पूर्व सीएम के आवास पर अखिलेश यादव से मुलाकात हुई।
दलित पिछड़ा अल्प संख्यक मोर्चा की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता में सपा नेताओं और प्रधान ने कहा कि उनके परिवार को फंसाया जा रहा है। इस दौरान बरगदहा गांव के रहने वाले अमृतलाल प्रजापति की पत्नी रामावती ने भी अपनी व्यथा सुनाई। कहा कि पुलिस के भय से गांव का कोई आदमी उसके पति के अंतिम संस्कार में नहीं गया। पुलिस के खौफके मारे गांव में कोई कुछ नहीं बोल रहा है।उन्होंने कहा कि मामले में अमृतलाल प्रजापति की ओर से एफआईआर दर्ज कराकर निष्पक्ष जांच कराई जाए। पूर्व प्रत्याशी आरपी यादव और राजेश चंद्रा ने कहा कि न्याय नहीं मिला तो लखनऊ में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
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प्रजापति महासभा ने उठाई सीबीआई जांच की मांग
रायबरेली। ऊंचाहार थाना क्षेत्र के बरगदहा मजरे इटौरा बुजुर्ग में अमृतलाल प्रजापति की मौत के बाद अब प्रजापति महासभा मैदान में उतर आई है। उसने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। यहां संगठन कार्यालय में आयोजित बैठक में महासभा के जिलाध्यक्ष बीडी प्रजापति ने कहा कि सीबीआई जांच के साथ पीड़ित परिवार को 20 लाख का मुआवजा दिलाया जाए। इस मौके पर समाज के महराजदीन, शिवबालक, राजभवन, हरिपाल आदि मौजूद रहे।
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मुकदमा लिखाए जाने से पीड़ित परिवार आहत
रायबरेली। ऊंचाहार थाना क्षेत्र के अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग में पांच लोगों की हत्या के मामले के कई दिन बाद बरगदहा निवासी अमृतलाल प्रजापति की मौत के बाद सफारी वाहन चालक के खिलाफ एफआईआर लिखाए जाने का पीड़ित परिवार ने तीखा विरोध किया है। मुकदमा वादी और मृतक रोहित शुक्ला के भाई देवेश कुमार शुक्ला ने कहा कि अमृतलाल की मौत शरीर के आंतरिक अंगों में संक्रमण के कारण हुई, लेकिन पुलिस ने दबाव में आकर वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। यदि पीड़ित परिवार के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए तो लखनऊ विधानसभा में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
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