मानदेय के लिए बुलंद की आवाज
- महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने विकास भवन में दिया धरना
- कहा, राज्य कर्मचारी घोषित करने के साथ दिया जाए 15 हजार रुपये मानदेय
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की अगुवाई में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एक बार फिर सड़क पर उतर आए हैं। सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को विकास भवन में न सिर्फ धरना देकर प्रदर्शन किया, बल्कि सभा करके सूबे की सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। कहा कि न्याय नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
विकास भवन में धरना स्थल पर आयोजित सभा में जिला प्रभारी राकेश कुमार शुक्ला, महामंत्री सीता सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 15 हजार और सहायिकाओं को 7500 रुपये मानदेय दिया जाए। उन्होंने भाजपा को याद दिलाया कि चुनावी संकल्प पत्र में सबरी संकल्प योजना, 120 दिन के अंदर उचित मानदेय, सेवा नियमावली बनाने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक इन वादो पर कोई अमल नहीं किया गया।
जिलाध्यक्ष बीना पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में सांसद रहते आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को लेकर गंभीर थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी कार्यकर्ताओं की पीड़ा को दूर करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक उस पर कोई अमल नहीं किया गया है। आंगनबाड़ी और सहायिकाओं को पीएफ की सुविधा दी जाए। 35 से ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय नहीं दिया है, जिसे अविलंब दिया जाए। आखिर में कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित 18 सूत्री मांग पत्र डीएम को सौंपा।