मां-बेटे और पुजारी-पोते की हत्या की वारदातों का खुलासा
सबहेड - पहले की थी लूटपाट और फिर विरोध करने पर उतारा था मौत के घाट
- मोहनगंज-सर्विलांस टीम ने घुमंतू गैंग के छह अपराधियोें को किया गिरफ्तार
- तीन अमेठी, तीन रायबरेली जिले के आरोपी, लूटपाट का सामान भी बरामद
- पकड़े गए आरोपियों पर था पांच-पांच हजार का ईनाम, सलाखों के पीछे भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
तिलोई (रायबरेली)। पुलिस ने मोहनगंज थाना क्षेत्र के जामोदीप गांव में मां-बेटे और शिवगढ़ थाना क्षेत्र में पुजारी व पोते की हत्या की वारदातों का गुरुवार को पर्दाफाश का दावा किया है। मोहनगंज और सर्विलांस टीम ने घुमंतू गैंग के छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि पहले अपराधियों ने लूटपाट की थी और फिर विरोध करने पर सभी को मौत के घाट उतार दिया था। पकड़े गए अपराधियों में तीन अमेठी और तीन रायबरेली जिले के रहने वाले हैं। इन पर पांच-पांच हजार रुपये का ईनाम भी घोषित था। इनके पास से लूटा गया सामान बरामद किया गया है।
मोहनगंज थाना क्षेत्र के जामोदीप गांव में 24 मई को मदन बहेलिया और उसकी मां श्यामा देवी की लूटपाट के बाद हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने केस दर्ज करके घटना की पड़ताल शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक अमेठी पूनम के निर्देशन में एवं अपर पुलिस अधीक्षक बलरामाचार्य, क्षेत्राधिकारी हौसिला प्रसाद की अगुवाई में मोहनगंज थानेदार रामराघव सिंह और सर्विलांस टीम प्रभारी अमेठी शिवाकांत पांडेय ने शंकरगंज चौराहे पर घेराबंदी करके छह अपराधियों को दबोच लिया। एएसपी अमेठी के मुताबिक ओम प्रकाश उर्फ जगदीश, कल्लू उर्फ वीरेंद्र, टिलकू उर्फ समर बहादुर निवासी मढ़ीपूरे अलादीन मोहनगंज अमेठी, आशीष उर्फ नन्हा, मुकेश उर्फ अरविंद निवासी असनी महाराजगंज और सुरेश उर्फ मनोज निवासी अमरहा डलमऊ रायबरेली को पकड़ा गया है।
एएसपी का कहना है कि पकड़े गए अपराधी घुमंतू गैंग के सदस्य हैं। घूम-घूमकर लूटपाट व हत्या की घटनाओं को अंजाम देते हैं। जामोदीप में लूटपाट के बाद विरोध करने पर मां-बेटे की हत्या कर दी थी। एसपी के मुताबिक पकड़े गए अपराधियों ने शिवगढ़ थाना क्षेत्र के पारा खुर्द गांव में लक्ष्मीकांत शास्त्री और उसके पोते निर्भयानंद शास्त्री की 4 जून को हत्या कर दी थी। इन्हीं अपराधियों ने मंदिर में लूटपाट की थी। विरोध करने पर हत्या कर दी थी। इन्हीं अपराधियों ने गौरीगंज में एक महिला की पिटाई करके उसके घर में डकैती डाली थी। इन पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पांच-पांच हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। एएसपी ने बताया कि पकड़े गए अपराधियों के पास से एक मोबाइल, एक साड़ी, छह पैंट शर्ट, छोटी बिछिया, हेलमेट, चद्दर, मजीरा, रामचरित मानस, गुटका, इन्वर्टर आदि लूटपाट का सामान बरामद किया गया है। एएसपी ने बताया कि पकड़े गए गिरोह का सरगना ओम प्रकाश बावरिया के अंदाज में डकैती डालता है। इसके पहले वह पांच डकैती की घटनाओं दस लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। सभी हत्याएं ईंट से कूंचकर की गई हैं। एएसपी ने घटना का खुलासा करने पर संयुक्त टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। एसपी का कहना है कि हरदोई व उन्नाव जिले में मर्डर किए जाने की बात कबूली है।
इनसेट
कई जिले में फैला घुमंतू गैंग का जाल
पकड़े गए अपराधियों से पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम जानकारी मिली है। पुलिस की मानें तो इस घुमंतू गैंग का जाल कई जिलों में फैला है। ये सभी अलग-अलग स्थानों पर रहते हैं। लूट के इरादे से घटना को अंजाम देते हैं। विरोध करने पर हत्या कर देते हैं। घुमंतू होने की वजह से इन पर कोई शक भी नहीं करता है। जहां पर वारदात को अंजाम देना होता है, उसकी पहले रेकी कर लेते हैं। इसके बाद घटनाओं को अंजाम देते हैं। सीओ हौैसिला प्रसाद का कहना है कि पूछताछ में कई अहम जानकारियां अभी और सामने आएंगी।