रायबरेली। जिले के स्कूलों में बच्चों को ढोने में लगे 130 वाहन अनफिट हो गए हैं। 138 वाहनों के मालिक गाड़ियों का परमिट लेना भूल गए। यही नहीं 52 स्कूलों के संचालकों ने नई गाड़ियों का पंजीयन तो सहायक संभागीय कार्यालय में करवा लिया, लेकिन अबतक परमिट नहीं ली है। शासन स्तर पर मनमानी पकड़ में आने के बाद परिवहन आयुक्त ने संबंधित वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
इस संबंध में बृहस्पतिवार को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन अरविंद यादव ने संबंधित स्कूलों के संचालकों को नोटिस देकर सात दिन के अंदर वाहनों के कागज दुरुस्त कराने की चेतावनी दी है। ऐसा न करने पर पंजीयन निरस्त किया जाएगा।
जिले में नया सत्र शुरू होने के साथ ही स्कूलों में पढ़ाई चल रही है। जिले में 400 से अधिक निजी स्कूलों में बच्चों को लाने में वाहनों का धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा है। इन स्कूलों में 1675 से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। स्कूलों में 885 छोटी-बड़ी बसें काम कर रही हैं। पिछले माह चलाए गए अभियान के बाद भी 130 स्कूली वाहनों के फिटनेस रह गए हैं।
स्कूल संचालकों की मनमानी के कारण ही 138 वाहन बिना परमिट के ही बच्चों को ढोने में जुटे हैं। ऐसे में बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है। 52 स्कूलों ने नए वाहनों का पंजीयन कराया, लेकिन अब तक परमिट नहीं लिया है। स्कूल संचालकों को सात दिन की मोहलत दी गई है।
चालकों के चरित्र व डीएल के सत्यापन के आदेश
स्कूलों के वाहनों को चलाने वाले सभी चालकों के चरित्र की जांच पुलिस से कराने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही उनके ड्राइविंग लाइसेंस की भी जांच विभाग से कराकर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। स्कूल संचालकों को यह काम भी सात दिन के अंदर पूरा करना होगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने पर स्कूल संचालक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
एक हजार से अधिक निजी वाहनों का उपयोग
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के निजी स्कूलों में प्राइवेट गाड़ियों का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। बिना परमिट और फिटनेस के ही वैन व अन्य वाहनों से बच्चों को स्कूल लाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में इन वाहनों को आसानी से पकड़ा जा सकता है। इसमें तमाम ऐसे वाहन भी हैं, जिनका पंजीयन समाप्त हो चुकाहै। इन वाहनों को घोस्ट वाहन कहा जाता है। ऐसे वाहनों को स्कूलों में बच्चों को लाने में शामिल किया गया है।
इनसेट
जिले में 130 स्कूली वाहन अनफिट हैं। 138 वाहनों का परमिट नहीं लिया गया। 52 स्कूलों के संचालकों ने नई गाड़ियों का पंजीयन कराने के बाद भी परमिट नहीं ली है। सभी को सात दिन का समय दिया गया है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
अरविंद यादव, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी