कर्मचारियों की उपस्थिति का कोई रजिस्टर नहीं। शिकायत, जनसूचना और तहसील दिवस की शिकायतों का भी रजिस्टर नहीं मिला। विभाग में कार्यरत 13 जेई का लेखाजोखा नहीं पाया गया। उनके आने-जाने का भी कोई हिसाब नहीं।
यह स्थिति भूमि संरक्षण अधिकारी, ऊसर सुधार कार्यालय की है जिसका खुलासा शुक्रवार को सीडीओ अनूप कुमार श्रीवास्तव के निरीक्षण में हुआ। यह देख सीडीओ ने अधिकारियों व कर्मचारियों को फटकार लगाई और 13 जेई का वेतन रोकते हुए भूमि संरक्षण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। सीडीओ ने जांच के निर्देश भी दिए हैं।
सीडीओ ने शुक्रवार दोपहर भूमि संरक्षण अधिकारी (ऊसर सुधार) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर ही नहीं मिला। कार्यरत 13 जेई के कार्यों के संबंध में अधिकारी भी अनजान थे।
एक साल में किए गए कार्यों के बारे में भी कोई दस्तावेज संबंधित अधिकारी व कर्मचारी सीडीओ के सामने पेश नहीं कर सके। सीडीओ के मांगने पर शिकायत व जनसूचना रजिस्टर तक नहीं मिल पाया। हैरत की बात है कि यहां काम करने वाले कर्मचारियों की जीपीएफ की पासबुक भी गत अगस्त महीने से अपडेट नहीं है।
कार्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी देख सीडीओ दंग रह गए। उन्होंने फटकार लगाते हुए दफ्तर को बंद कराने के लिए शासन को पत्र लिखने की चेतावनी दी। उन्होंने जेई हरि प्रसाद, रामऔतार, रामकृत यादव, रामवृक्ष यादव, संजय सिंह, अवधेश श्रीवास्तव, केपी सिंह, अजय तिवारी, दिनेश कुमार, सुनील यादव, आशीष वर्मा, वीरेंद्र सिंह व वेद प्रकाश पाल का वेतन रोकने का आदेश दिया।
भूमि संरक्षण अधिकारी पीएन मिश्रा को कारण बताओ नोटिस देकर दो दिन में जवाब तलब किया। सीडीओ ने बताया कि जवाब मिलने के बाद कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।