तिलोई (रायबरेली)। अमेठी जिले के तिलोई तहसील क्षेत्र में गुरुवार रात नहर में कटान से 100 बीघा धान की फसल पानी में डूब गई। पककर तैयार खड़ी धान की फसल में पानी भरने से किसानों में नाराजगी है।
किसानों का कहना है कि यदि थोड़ी भी हवा चल जाएगी तो पूरी फसल धान में गिर जाएगी। इससे फसल का सड़ना तय है। राजापुर रजबहे का पानी शारदा सहायक हैदरगढ़ ब्रांच से रोक दिया गया है। अभी तक कटान को बधवाने का काम शुरू नहीं हो सका है।
शारदा सहायक हैदरगढ़ ब्रांच से निकले राजापुर रजबहे में दिलावलगढ़ पुलिया के निकट कटान हो गई। रात भर पानी बहने से आसपास के करीब 100 बीघे धान की फसल में पानी भर गया।
सुबह जब किसान खेत की तरफ गए तो खेतों में पानी भरा मिला। इस्लामगंज, भीखीपुर, यूसुफनगर गांव के किसानों के खेत जलमग्न हुए हैं।
शकील अहमद का करीब पच्चीस, अनवारुलहक, अकबाल अहमद, मजहर, जलील, इशरार ने बताया कि फसल पककर तैयार है। एक दो दिन में कटाई करानी थी, लेकिन पानी भरने से कटाई का काम रुक गया है।
किसानों ने बताया कि यदि खेत से पानी नहीं निकाला गया तो फसल खराब हो जाएगी। हवा चलने से पानी में फसल गिरने की आशंका है।
सभी ने खेत से जल निकासी का प्रबंध कराए जाने की मांग की है। तिलोई एसडीएम महेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पानी बंद करा दिया गया है।
जल्द ही नहर कटान को बंद कराया जाएगा। उधर, नहर की कटान के बाद खेतों में भरे पानी में चार मवेशियों के शव उतराते मिले। इसकी जानकारी होने पर हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों आशंका जताई है कि मवेशियों को मारकर खेतों में फेंका गया है, जबकि पुलिस का मानना है कि शव नहर के पानी में बहकर आए हैं। थानाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पशुओं का वध नहीं किया गया है, बल्कि नहर से बहकर आए है। जांच कराई जा रही है।