रायबरेली/हरचंदपुर। मालदा टाउन से नई दिल्ली जा रही न्यू फरक्का एक्सप्रेस के डिरेल होने से क्षतिग्रस्त हुए ट्रैक, सिग्नल-पैनल व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने के बाद रेल यातायात भी बहाल कर दिया गया है। सोमवार को मेन लाइन और लूप लाइन से ट्रेनों का संचालन कराया गया।
जिन गाड़ियों का हरचंदपुर में स्टापेज है, उन्हें लूप लाइन एक पर खड़ा कराया गया, जबकि रन थ्रू गाड़ियां मेन लाइन से धीमी रफ्तार में निकाली गईं। कुछ गाड़ियों का संचालन तीसरी लाइन साइडिंग से भी कराया गया। बीच-बीच में ट्रैक की हालत परखने के लिए इंजन भी दौड़ाया जाता रहा।
न्यू फरक्का एक्सप्रेस बुधवार को सुबह 6.04 बजे हरचंदपुर रेलवे स्टेशन के आउटर के निकट होम सिग्नल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे के 26 घंटे बाद तीसरी लाइन साइडिंग को दुरुस्त करके गाड़ियों को रोक कर चलाया जा रहा था, लेकिन मेन लाइन और लूप लाइन को बनाने में पांच दिन लग गए।
रविवार को ट्रैक दुरुस्त करने के साथ ही सिग्नल-पैनल भी ठीक कर लिए गए। अब सिग्नल ने काम करना शुरू कर दिया तो मेन लाइन और लूप से भी गाड़ियां चलने लगी। हालांकि अभी गाड़ियों की रफ्तार धीमी रखी गई है।
गंगागंज में रोकी गई त्रिवेणी एक्सप्रेस
सोमवार को हरचंदपुर में स्टापेज वाली गाड़ियों को लूप लाइन पर लेना था, जिसके लिए स्टेशन के स्टाफ के साथ जिले के कई अधिकारी डटे थे। इस वजह से इलाहाबाद से लखनऊ की ओर जा रही गाड़ी संख्या 14369 त्रिवेणी एक्सप्रेस को गंगागंज स्टेशन पर रोकना पड़ा। इसी दरम्यान दूसरी गाड़ियों को भी पास करना था, जिससे त्रिवेणी एक्सप्रेस करीब सवा घंटे गंगागंज में खड़ी रही। यह गाड़ी 7.35 बजे रायबरेली से छूटी थी और हरचंदपुर में 9.46 बजे पहुंची।
अभी 20 किमी की गति से चलेंगी ट्रेनें
हरचंदपुर में अब केवल हरचंदपुर स्टेशन का स्टाफ ही ड्यूटी कर रहा है। हादसे के बाद से रेलवे के सभी अधिकारी बोलने से कतरा रहे हैं। सिर्फ इतना कहकर टाल देते हैं कि हादसे के बाद से दिन का चैन और रातों की नींद उड़ी थी। अब यातायात सामान्य होने से राहत मिली है। फिलहाल गाड़ियों का संचालन तो शुरू हो गया है, लेकिन अगले 15 दिनों तक इधर से गुजरने वाली सभी ट्रेनों की स्पीड 20 किमी प्रति घंटा या इससे कम ही रहेगी।