दो वीडीओ पर होगी कार्रवाई, रोजगार सेवक संबद्ध
रायबरेली। उपायुक्त (मनरेगा) पवन कुमार सिंह ने सतांव ब्लॉक के मनेहरू और कोरिहर में मनरेगा के कार्यों की जांच की। दोनों ही गांवों में मनरेगा से पौधरोपण के लिए गड्ढों की झूठी रिपोर्ट दी गई। मौके पर गड्ढे नहीं मिले।
इसके अलावा तालाब व अन्य कार्यों में मनमानी मिली। अधिकारी ने दोनों गांवों के ग्राम रोजगार सेवकों को मुख्यालय से संबद्ध करते हुए ग्राम पंचायत अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति कर दी। प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बीडीओ को निर्देशित किया।
उपायुक्त मनरेगा ने सबसे पहले मनेहरू गांव पहुंचकर मनरेगा के कार्यों को देखा। यहां पौधरोपण के लिए 390 गड्ढे खोदवाने की रिपोर्ट ग्राम पंचायत अधिकारी ने भेजी थी।
डीसी मनरेगा को मौके पर एक भी गड्ढा नहीं मिला। कोरिहर में भी 125 में मात्र नौ गड्ढे ही मौके पर मिले। कोरिहर की ग्राम रोजगार सेवक प्रतिभा और मनेहरू के ग्राम रोजगार सेवक देवेश मिश्रा को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया।
इसके अलावा कोरिहर के ग्राम पंचायत अधिकारी राममिलन चौधरी व मनेहरू के ग्राम पंचायत अधिकारी वीरेंद्र यादव के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को लिखा। कोरिहर में तालाब निर्माण में भी लापरवाही पकड़ में आई।