दो खंड विकास अधिकारियों समेत चार
के वेतन से होगी 4.60 लाख की वसूली
रायबरेली। जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत खजुरी में मेंथा की खेती के नाम पर बिना मस्टररोल और एमबी के ही 4.60 लाख रुपये के भुगतान के मामले में अब तत्कालीन दो खंड विकास अधिकारियों समेत चार लोगों के वेतन से वसूली की जाएगी। जांच में मनमानी पकड़ में आने के बाद रिकवरी आदेश जारी किया गया, लेकिन कई पत्र जारी होने के बाद भी धनराशि को जमा नहीं किया गया है। उपायुक्त मनरेगा अनिल कुमार सिंह ने वेतन से वसूली की प्रक्रिया शुरू कराई है।
उपायुक्त मनरेगा अनिल कुमार सिंह ने बताया कि दो साल पहले जगतपुर ब्लॉक की खजुरी ग्राम पंचायत में किसानों को मेंथा की खेती के लिए मनरेगा से 4.60 लाख रुपये से अधिक रुपयों का भुगतान किया गया था। शिकायतें आने के बाद मामले की जांच कराई गई तो संबंधित कार्य के लिए जारी किए गए मस्टररोल तक गायब मिले। फर्जी तरीके से श्रमिकों की फीडिंग करके भुगतान कर दिया गया था। मेंथा की खेती में खर्च की गई धनराशि की एमबी भी नहीं की गई। जांच में मामला पकड़ में आने के बाद तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ जगतपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसके अलावा तत्कालीन खंड विकास अधिकारी एके सक्सेना 65 हजार रुपये और दिनेश मिश्रा से 95 हजार रुपये की वसूली के आदेश दिए गए थे। ब्लॉक के लेखाकार व एपीओ से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की वसूली के आदेश दिए गए थे। साथ ही डीएम ने विभागीय कार्रवाई के आदेश भी दिए थे। वसूली नोटिस जारी होने के बाद भी संबंधित लोगों ने गबन की गई धनराशि को जमा नहीं कराया है। इसी कारण अब वेतन खाते से वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।