जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सर्प दंश के बाद भर्ती महिला।
रायबरेली। एक ओर जहां जिले में सर्पदंश की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, वहीं लोग लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं। हरचंदपुर के सेमरा गांव में सर्पदंश के बाद महिला को 12 घंटे बाद जिला अस्पताल पहुंचाकर इलाज शुरू कराया गया। सीएचसी से रेफर होने के बाद पहले मरीज को घर ले गए, फिर रातभर झाड़फूंक के चक्कर में फंसे रहे। हालत बिगड़ने पर शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। महिला की हालत नाजुक बनी हुई है।
हरचंदपुर थाना क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी किशन कुमारी (30) पत्नी चुन्नू को शुक्रवार रात 11.30 बजे सर्प ने दाहिने पैर में डस लिया। रात 12 बजे महिला को हरचंदपुर सीएचसी पहुंचाया गया। हालत नाजुक होने पर डॉक्टर ने महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार के लोग महिला को 16 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल न ले जाकर घर लेकर चले गए।
रात में गढ़ी गांव में महिला को दवा पिलाने व झाड़फूंक के लिए ले गए। रात ढाई बजे वापस घर आने के बाद भी हालत न सुधरने पर महिला को शनिवार सुबह नौ बजे फिर गढ़ी गांव में झाड़फूंक के लिए ले गए। इसके बाद भी हालत न सुधरी तो महिला को गंभीर हालत में शनिवार सुबह 11 बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचाया गया।
महिला को भर्ती करके इलाज किया जा रहा है। उसकी हालत में सुधार नहीं है। इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर डॉ. अनुराग शुक्ला ने बताया कि महिला को शुक्रवार रात साढ़े 11 बजे सर्प ने डसा था, लेकिन मरीज को शनिवार सुबह 11 बजे जिला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराकर इलाज शुरू किया गया है।
झाड़फूंक के चक्कर में न पड़ें : डॉ. गौरव
जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि सर्पदंश के बाद तुरंत मरीजों को नजदीक के अस्पताल में पहुंचाएं। झाड़फूंक के चक्कर में न पडे़ं, क्योंकि देर होने पर मरीज को बचा पाना मुश्किल हो जाता है। बिना देरी किए मरीज को अस्पताल पहुंचाकर तत्काल इलाज शुरू कराएं।