जिला महिला अस्पताल में निर्माणाधीन इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री।
रायबरेली। जिला महिला अस्पताल के पुराने भवन में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री (आईपीएचएल) स्थापित कराने की प्रक्रिया चल रही है। भवन में फर्नीचर का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि नवंबर से अत्याधुनिक लैब काम करना शुरू कर देगी।
इस लैब के शुरू होने से जिले में मरीजों की 117 प्रकार की जांच हो सकेंगी। उन्हें जांच के लिए निजी पैथोलॉजी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। थायराइड के साथ ही माइक्रोबायोलॉजी और हार्मोन संबंधी जांचें भी शुरू हो जाएंगी। सीएचसी स्तर पर ब्लड के नमूने लेकर यहां जांच के लिए भेजे जाएंगे।
जिले स्तर पर इंटीग्रेटेड लैब स्थापित कराने का काम करीब दो साल पहले शुरू किया गया। शुरू में भवन की व्यवस्था न होने के कारण काम में सुस्ती रही। बाद में जिला महिला अस्पताल के पुराने भवन में स्थापित आइसोलेशन वार्ड और रैन बसेरे को अत्याधुनिक लैब के लिए चुना गया। सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद लैब शुरू कराने के लिए काम शुरू हो गया है। यहां फर्नीचर का काम 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।
जिला पुरुष और महिला अस्पताल की प्रयोगशाला में कई जरूरी जांचें उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में तमाम मरीजों को बाजार से जांच करानी पड़ती है। माइक्रोबायोलॉजी सहित कई जांचें न होने के कारण मरीजों को ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अत्याधुनिक लैब के स्थापित होने के बाद मरीजाें की जांच से संबंधित समस्याएं दूर हो जाएंगी।
अस्पताल के पुराने भवन में इंटीग्रेटेड लैब संचालित कराने के लिए फर्नीचर का काम कराया जा रहा है। ठेकेदार को जल्द ही काम पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। अत्याधुनिक लैब को शुरू कराकर मरीजों को बेहतर जांच की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
- डॉ. निर्मला साहू, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल