सिंहपुर (रायबरेली)। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी हैं। खेल, शिक्षा और विज्ञान में महारथ हासिल करके पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। जरूरत है कि सभी लोग महिलाओं का सम्मान करें। अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत मंगलवार को सिंहपुर ब्लॉक क्षेत्र के समता इंटर कॉलेज अहोरवा भवानी में नारी सम्मान पर आयोजित परिचर्चा के दौरान कुछ इसी अंदाज में महिलाओं ने अपनी बात रखी।
महिलाएं आज के परिवेश में पुरुषों से हर क्षेत्र में अग्रणी हैं। उनके विकास और सम्मान के लिए सबको आगे आना चाहिए।
- शिवबहादुर, सहायक विकास अधिकारी, सिंहपुर
महिलाओं का शोषण बंद होना चाहिए। महिलाओं की शिक्षा से ही देश का विकास संभव है। महिलाओं का सम्मान करना चाहिए।
- हरीबख्श भारतीय, प्रबंधक
किसी भी समाज और देश के लिए महिलाओं का विकास और शिक्षा अति आवश्यक है। उनका विकास शिक्षा से ही संभव है।
- अशोक कुमार, प्रधानाचार्य
प्रत्येक व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह अपने समाज और देश की महिलाओं का सम्मान करें और उनकी शिक्षा के प्रति सचेत रहे।
- अर्जुन सिंह, प्रधान संघ अध्यक्ष सिंहपुर
महिलाओं से ही रक्षाबंधन, भैयादूज त्योहार हैं। यदि महिलाओं का विकास नहीं होगा, तो उस समाज व देश का विकास का सपना सच नहीं हो सकता।
- श्रीकृष्ण रावत, शिक्षक
प्रत्येक अभिभावक का कर्तव्य है कि वह अपनी बालिकाओं को बालकों के समान समझें और उनकी शिक्षा के प्रति पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान करें।
- राजेश यादव, शिक्षक
आज हमारे देश की महिलाएं कहीं भी पुरुष के साथ कार्य करती हैं तो उन्हे सम्मान मिले तो देश और विकास करेगा।
- मधु, छात्रा
लड़की को अगर शिक्षा दी जाए तो पूरे सम्मान के साथ। उसे लगे नहीं कि माता-पिता उसे पढ़ाना नहीं चाहते हैं।
- पूजा, छात्रा
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर और सख्त कानून बनाए जाने की जरूरत है। सभी को महिलाओं का सम्मान करना चाहिए।
- अजरा, छात्रा
महिलाओं को कहीं पर भी कमजोर बनाने का प्रयास न किया जाए तो महिलाएं बड़े मुकाम पर पहुंच सकती हैं।
- नीलम, छात्रा
बेटियाें को कमजोर न समझा जाए। बस जरूरत है कि उनको अपने अधिकार के बारे में बताया जाए।
- आसमा, छात्रा
महिलाओं को कभी परेशान नहीं करना चाहिए। महिलाओं को हर क्षेत्र में समस्या का सामना करना पड़ता है।
- पूनम, छात्रा
बेटा-बेटी को एक साथ सम्मान मिले तो देश के साथ घर परिवार का भी विकास होगा और इस तरह दोनों एक दूसरे का सम्मान करने में पीछे नहीं रहेगा। - शिवानी, छात्रा
बेटियां स्वरोजगार अपनाएं। सिलाई-कढ़ाई में ध्यान दें। ऐसा होने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
- शिवानी यादव, छात्रा
बेटियों को गर्भ में नहीं मारा जाना चाहिए। उन्हें भी बेटों की तरह सम्मान मिलना चाहिए। वह बेटों से किसी मामले में कम नहीं हैं।
- सोयबा बानो, छात्रा
महिलाएं खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत अन्य क्षेत्रों में तरक्की और सम्मान पा रही हैं। इसी तरह महिलाओं को अपनी स्थिति को मजबूत करना है।
- पूजा यादव, छात्रा
पिता बेटा-बेटी को बराबर शिक्षित करने का अगर संकल्प ले लें तो निश्चित ही बेटियां समाज में सबसे आगे दिखाई पड़ेंगी। बेटियों की शिक्षा पर भेदभाव नहीं करना चाहिए। - जानकी, छात्रा
नारियों को सक्रिय करने के लिए सरकार को और समुचित प्रबंध करना चाहिए। स्नातक तक की शिक्षा नि:शुल्क और सभी को स्कॉलर की व्यवस्था करनी चाहिए। - काजल, छात्रा