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प्रमुख सचिव के बुलाने पर 25 मिनट बाद भी नहीं पहुंची एंबुलेंस

लखनऊ ब्यूरो Updated Thu, 13 Sep 2018 01:06 AM IST
महराजगंज (रायबरेली)। दो दिवसीय दौरे पर आए खादी एवं ग्रामोद्योग के प्रमुख सचिव व जिले के नोडल अधिकारी नवनीत सहगल ने बुधवार को पहला दिन महराजगंज क्षेत्र में ही गुजारा।
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रैंडम जांच के लिए तहसील से उन्होंने फोन करके 108 एंबुलेंस व डॉयल-100 को बुलाया। करीब आठ मिनट में डॉयल-100 तो पहुंच गई, लेकिन हादसे में गंभीर रूप से घायल पड़े युवक की सूचना मिलने के 25 मिनट बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची।


प्र्रमुख सचिव के तहसील से जाने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। उन्होंने एसीएमओ को मामले में कार्रवाई के आदेश दिए। सभी विभागों का काम ठीक नहीं मिला।


उन्होंने एसडीएम, तहसीलदार, सीएचसी अधीक्षक, कृषि अधिकारी समेत 10 अधिकारियों को फटकार लगाते हुए काम में सुधार की चेतावनी दी।


दोपहर करीब एक बजे प्रमुख सचिव, नवनीत सहगल सीएचसी महराजगंज पहुंचे। परिसर में गंदगी देख अधीक्षक डॉ. राधाकृष्ण को फटकार लगाई।


यहां दवा रजिस्टर में खामियां मिलीं। दवाओं में अनियमितता प्रतीत होने पर जांच के आदेश दिए। जननी सुरक्षा और मातृत्व लाभ योजना में मनमानी मिलने पर अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों को चेतावनी दी।


तहसील में मनमानी देखकर प्रमुख सचिव का पारा चढ़ गया। बाढ़ राहत में खराब प्रगति पर रजिस्टार कानूनगो दर्शन बाबू को फटकार लगाई।


अमल दरामद रजिस्टर में लापरवाही पर गणेश बाबू को चेतावनी दी। मामले में तहसीलदार विनोद कुमार सिंह को चेतावनी देते हुए एक हफ्ते के अंदर मामले निपटाने के आदेश दिए।


आय, जाति व निवास प्रमाणपत्रों के लिए रिपोर्ट न लगाने पर लेखपालों को चेतावनी दी। बछरावां के अमर सिंह की शिकायत के निस्तारण के बारे में पीड़ित से प्रमुख सचिव ने फोन पर ही पता किया तो शिकायत का निपटारा नहीं मिला।


इस पर उन्होंने एसडीएम शालिनी प्रभाकर को फटकार लगाते हुए चेतावनी दी। पट्टाधारकों से मिले करीब 32 लाख रुपये खाते में डंप मिलने पर नाराज हुए।


प्रमुख सचिव ने एसडीएम दफ्तर में बैठक में डायल-100 पुलिस व 108 एंबुलेंस को फोन करके बुलाया, लेकिन एंबुलेंस उनके जाने के बाद भी तहसील नहीं पहुंची।


प्रमुख सचिव, तहसील में करीब 25 मिनट तक रहे। डायल-100 की टीम मात्र आठ मिनट में आ गई थी। उन्होंने डॉयल-100 की तारीफ की।


उन्होंने एसीएमओ डॉ. एसके चक को एंबुलेंस के न आने के संबंध में कार्रवाई करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए। इस मौके पर डीएम संजय कुमार, सीडीओ राकेश कुमार, सीओ गोपीनाथ सोनी, केबी सिंह आदि रहे।


पिछली परीक्षा में भी फेल हो गई थी 108 एंबुलेंस
नौ अगस्त को प्रमुख सचिव ने बचत भवन में बैठक के दौरान ही जिले में संचालित डॉयल-100, 108, 181 व 1090 की जांच फोन कर की थी।


डॉयल-100 समय सेे पहुंचकर पास हो गई थी, लेकिन पिछली बार भी 108 एंबुलेंस परीक्षा में फेल हो गई थी। इस दौरान करीब 25 मिनट बाद गाड़ी पहुंच गई थी। 181 पर अफसरों ने फोन मिलाया तो कई सवाल दागे गए थे। 1090 का हाल भी अच्छा नहीं मिला था।
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