रोहनिया (रायबरेली)। ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र जमुनापुर में एक फीडर में फॉल्ट आने के बाद फीडर और केबल में तेज धमाका होने के साथ आग लग गई।
इससे उपकेंद्र के चारों फीडर बंद हो गए। अचानक हुई घटना से अभियंताओं में हड़कंप मच गया। अफसर मौके पर पहुंचे और मरम्मत का काम शुरू कराया।
गनीमत रही कि ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन करीब 20 घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रही। इससे 100 गांवों की एक लाख आबादी प्रभावित रही है।
इससे कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। खास बात यह है कि यह विद्युत उपकेंद्र छह महीने पहले से शुरू हुआ है। कहीं न कहीं कोई लापरवाही जरूर हुई होगी, लेकिन कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
जमुनापुर विद्युत उपकेंद्र से चार अंबारा, किरवाहार, भीलमपुर, जमुनापुर फीडर निकले हैं। सोमवार रात सभी फीडर चल रहे थे। इसी दौरान जमुनापुर फ ीडर में कहीं फॉल्ट आने पर उपकेंद्र में शार्ट सर्किट के साथ धुआं निकलने लगा।
कुछ दिखाई न देने के कारण कर्मचारी अंदर नहीं पहुंच सके। इससे उपकेंद्र के अन्य फ ीडर भी उसकी चपेट में आ गए। चारों फीडर की केबिल, डीसी पैनल और उपकेंद्र को बिजली सप्लाई करने वाला 25 केवीए का ट्रांसफार्मर जल गया।
सभी फीडरों के बंद होने से करीब 100 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। आग लगने की जानकारी होने पर अभियंताओं में हड़कंप मच गया।
जमुनापुर, बाहरपुर, रामसांडा, दौलतपुर, पनवारी, किशुनदासपुर, भीलमपुर, रामचंद्रपुर, कमोली व कल्यानपुर सहित लगभग 100 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप होने से लोग गर्मी से बेहाल रहे।
सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को हुई। आनन फ ानन इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुंची। देर रात मरम्मत कार्य चलता रहा, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
काफी मशक्कत के बाद मंगलवार को दोपहर बाद खराब हुए पुर्जों को बदला गया। लगभग 20 घंटे बाद आपूर्ति बहाल हुई। आपूर्ति बहाल होने से गांव के लोगों ने राहत की सांस ली।
अवर अभियंता लालमणि ने बताया कि ओवर लोड के कारण फ ीडर में आग लग गई थी। हालांकि खराब पुर्जों को बदलकर आपूर्ति शुरू कर दी गई है।