पांच कमरों ने नहीं लगे थे कैमरे, जवाब तलब
रायबरेली। शासन के सख्त निर्देशों और लगातार चेतावनी दिए जाने के बाद भी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी लगाने के मामले में ढिलाई बरती गई।
भ्रमित सूचनाएं देकर भले ही सीसीटीवी कैमरों से सभी परीक्षा केंद्रों के लैस होने की बात कही गई थी, लेकिन निरीक्षण के दौरान हकीकत सामने आ गई।
परीक्षा केंद्रों में निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी कैमरों, उनकी फुटेज और ऑपरेटिंग का जायजा भी लिया जा रहा है। इसीलिए शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक गिरधारी लाल कोली के निरीक्षण में सीसीटीवी की पोल खुल गई।
इस केंद्र पर पांच कमरों में कैमरे नहीं लगे थे। डीआईओएस ने परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक से जवाब मांगने के साथ ही अपनी निरीक्षण रिपोर्ट यूपी बोर्ड को भेज दी है।
डीआईओएस ने सचल दल की टीम के साथ सुबह परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। गांधी इंटर कॉलेज चंद्रभूषणगंज पहुंच वहां का जायजा लिया। सीसीटीवी की जांच की।
इस दौरान पूरे परीक्षा केंद्र में 14 कमरों में कैमरे लगे हुए पाए गए, लेकिन पांच कमरों में कैमरा नहीं लगा था। इस पर डीआईओएस ने नाराजगी जताई और कहा कि जब 14 कमरे में कैमरे लगवा दिए गए थे तो बाकी के पांच कमरों में कैमरे क्यों नहीं लगवाए गए।
पूरे परीक्षा केंद्र को कैमरे से लैस किए जाने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद कैमरे लगवाने में कोताही बरती गई। उन्होंने तुरंत बाकी कमरों में भी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए और इस मामले में बरती गई लापरवाही पर जवाब भी मांगा।
डीआईओएस ने सीसीटीवी के बारे में विशेष तौर से उल्लेख करते हुए अपनी रिपोर्ट यूपी बोर्ड के सचिव को भेज दी है। डीआईओएस ने साफतौर पर कहा है कि बोर्ड परीक्षा के दौरान हर गतिविधि पर कैमरे की नजर होनी चाहिए। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।