व्यंग्यकार पंकज प्रसून ने बढ़ाया बैसवारा का गौरव
रायबरेली। बैसवारा के युवा व्यंग्यकार पंकज प्रसून को जनवरी में तीन बड़े सम्मानों से नवाजा गया। जनशरणम संस्था की ओर से चार जनवरी को वर्ष 2017 की साहित्यिक उपलब्धियों के लिए उन्हें आउटस्टैंडिंग यूथ एवार्ड-2017 : हिंदी साहित्य से नवाजा गया। ये सम्मान लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया और उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष राजनरायण शुक्ल ने पंकज को प्रदान किया।
पंकज प्रसून को दूसरा सम्मान रीड पब्लिकेशन एवं भारतीय संस्कृति परिषद की ओर से मिला। उन्हें इलाहाबाद के माघ मेले में शंकराचार्य शिवानंद और कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने रीड एक्सेलेंस एवार्ड फॉर साइंस पोएट्री पर प्रदान किया। 25 जनवरी को पंकज को देश का प्रतिष्ठित स्वामी विवेकानंद युवा सम्मान-2018 से भी नवाजा गया। ये सम्मान न्यायमूर्ति एससी वर्मा ने देशभर से चुने पांच युवाओं को प्रदान किया था, जिसमें पंकज प्रसून भी शामिल थे। जिले के सहजौरा गांव निवासी पंकज प्रसून से साहित्य के क्षेत्र में बैसवारा का खूब नाम रोशन किया है। उनकी तीन किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। पिछले साल लाल किले के कवि सम्मेलन से भी वह काव्यपाठ कर चुके हैं।
पंकज प्रसून को उनके चर्चित व्यंग्य संग्रह ‘जनहित में जारी’ के लिए हिंदी संस्थान का डॉ. रांगेय राघव पुरस्कार मिल चुका है। उनके गद्य व्यंग्यों का इसी साल राजस्थानी और मराठी में अनुवाद भी हुआ है। युवा रत्न, शांति साहित्य सम्मान, नसीम अख्तर सिद्दीकी एवार्ड, हस्ताक्षर इंडिया सहित कई सम्मानों से नवाजे जा चुके इस युवा साहित्यकार ने परमाणु जागरूकता के उद्देश्य से ‘आओ परमाणु से प्रेम करें’ पुस्तक भी लिखी है। ये किताब नाभिकीय ऊर्जा पर लिखी गई देश की एकमात्र कविता की पुस्तक है।