हिरासत में लिए गए लखनऊ जा रहे 700 शिक्षामित्र, मुचलके पर रिहा
रायबरेली। समायोजन रद्द किए जाने और प्रदेश सरकार से वार्ता विफल होने के बाद सोमवार को विधानसभा घेराव करने लखनऊ जा रहे 700 शिक्षामित्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कई घंटे हिरासत में रखने के बाद सभी को मुचलके पर रिहा कर दिया। हालांकि अन्य कई शिक्षामित्र चोरी-चुपके विधानसभा पहुंच गए। शिक्षामित्रों की हड़ताल से सोमवार को भी 200 स्कूलों के ताले नहीं खुले हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले 10 हजार बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की अगुवाई में शिक्षामित्र सोमवार सुबह बसों पर सवार होकर विधानसभा का घेराव करने जा रहे थे। इसकी सूचना पर पुलिस ने बछरावां थाने के पास करीब 700 शिक्षामित्रों को रोक लिया और जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइंस ले आई। यहां पर दो घंटे बैठाने के बाद सभी को मुचलके पर रिहा कर दिया गया। वहीं शिक्षामित्रों की हड़ताल से 200 सरकारी स्कूलों का ताला नहीं खुल पाया है। नतीजतन बच्चों को बैरंग लौटना पड़ा। स्कूलों का ताला खुलवाने के लिए 2200 शिक्षकों की जरूरत है। ऐसे में शिक्षकों की कमी को दूर कर पाना शिक्षा विभाग के अफसरों के लिए टेढ़ी खीर बन गया है। जिले में 2600 सरकारी स्कूल संचालित हैं, जिसमें ढाई लाख से ज्यादा बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शिक्षामित्रों की हड़ताल से पढ़ाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। शिक्षा विभाग के अफसर इसको लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार शुक्ला का कहना है कि बंद चल रहे स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। अन्य स्कूलों के शिक्षकों को बंद वाले स्कूलों में पठन-पाठन कार्य के लिए भेजा जा रहा है।
1500 से ज्यादा शिक्षामित्र पहुंचे लखनऊ
आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने फोन पर अमर उजाला को बताया कि जिला प्रशासन की ओर से 700 शिक्षामित्रों को पकडे़ जाने का दावा गलत है। 1500 से ज्यादा शिक्षामित्रों ने विधानसभा का घेराव करने के लिए लखनऊ पहुंचे हैं। हक न मिलने पर आरपार की लड़ाई लड़ी जा रही है।
बछरावां थाने के पास से 700 शिक्षामित्रों को हिरासत में लेकर उन्हें पुलिस लाइंस लाया गया, जहां पर मुचलके पर रिहा कर दिया गया। यहां से ज्यादातर शिक्षामित्र विधानसभा का घेराव करने नहीं पहुंच पाए हैं।- शिवहरि मीणा, एसपी