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शिक्षक परिवार के होनहार लाल ने सीबीएसई 10वीं में किया कमाल

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शिक्षक परिवार के होनहार ने सीबीएसई 10वीं में किया कमाल
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रायबरेली। शिक्षक परिवार में जन्में और उन्हीं के मार्गदर्शन में पले-बढ़े एक होनहार लाडले ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वीं की परीक्षा में कमाल कर दिया। अभी चार दिन पहले ही 12वीं की परीक्षा में ऐश्वर्या ने अखिल भारतीय स्तर पर दूसरी रैंक बनाई थी तो 10वीं की परीक्षा में एक बार फिर ऑल इंडिया स्तर पर जिले की मेधा ने अपना परचम फहराया है। एसजेएस पब्लिक स्कूल के छात्र अर्जित आलोक श्रीवास्तव ने सीबीएसई 10वीं में 99.4 प्रतिशत अंक अर्जित अखिल भारतीय स्तर पर तीसरी रैंक हासिल की है।

शहर में वैदिक इंटर कॉलेज के सामने रहने वाले स्व. संत बहादुर श्रीवास्तव राष्ट्रपति पुरस्कृत अध्यापक रहे हैं, जो जीआईसी प्रधानाचार्य के पद से रिटायर हुए। इन्हीं पौत्र अर्जित आलोक श्रीवास्तव ने सीबीएसई 10वीं में ऑल इंडिया थर्ड रैंक बनाई है। अर्जित के पिता आलोक श्रीवास्तव उन्नाव जिले में सहायक चकबंदी अधिकारी के पद पर तैनात हैं तो मां मीना श्रीवास्तव इसी जिले में प्राथमिक विद्यालय हरदासपुर में प्रधानाध्यापिका हैं। छोटी बहन भाव्या आलोक एसजेएस पब्लिक स्कूल में ही छठवीं की छात्रा है। अर्जित इस समय इंजीनियरिंग की तैयारी के सिलसिले में कोटा गया हुआ है।
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पिता आलोक श्रीवास्तव का कहना है कि शिक्षक परिवार में पले-बढ़े अर्जित को कोचिंग-ट्यूशन की जरूरत नहीं पड़ी। परिवार के लोग ही उसकी पढ़ाई में पूरी मदद करते रहे। अर्जित अभी इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा है, लेकिन उसका सपना आईएएस बनने का है। वजह यह कि घर की बाउंड्री से ही लगा डीएम बंगला है, जिससे बचपन से ही अर्जित ने आईएएस बनने का सपना पाल लिया था। बेटे के सपने को पूरा करने के लिए परिवार के हर सदस्य सहयोग करेंगे।
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मोबाइल पर वीडियो कॉलिंग के जरिए हुई बातचीत में अर्जित आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि रिजल्ट के बारे में पता चला तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिवार से दूर होने के कारण जश्न नहीं मना सका, लेकिन कोटा में दोस्तों संग खुशी मनाई। इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को जाता है। उनके सहयोग और आशीर्वाद के बिना यह संभव नहीं था। अर्जित ने कहा कि स्कूली शिक्षा के साथ घर में भी अध्ययन जरूरी है। रोजाना पांच-छह घंटे पढ़ाई में लगाने चाहिए, तभी सफलता मिलती है। उसने खुद रोजाना औसतन सात घंटे स्टडी की।
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