रायबरेली। पीएम नरेंद्र मोदी की मार्डन रेल कोच फैक्टरी में आयोजित जनसभा में राजनीति का पूरा क्लाइमेक्स देखने को मिला। विरोधियों पर तीखे शब्दबाण चले तो भीड़ जुटाकर ताकत का एहसास कराने की भी कोशिश की गई। इसके उलट दिग्गज भाजपाइयों में इस बार के लोकसभा चुनाव में टिकट हासिल करने की होड़ भी दिखी।
सिर्फ रायबरेली ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों से आए दिग्गज भाजपाई इसी उम्मीद में रहे कि इस बार उनका टिकट पक्का हो जाए। अब ये देखना है कि पीएम मोदी किस पर दांव आजमाते हैं, लेकिन इतना जरूर है कि टिकट हासिल करने के लिए नेता दिल्ली तक सिफारिश लगाने में जुटे हैं।
रायबरेली के अलावा फतेहपुर, बाराबंकी, उन्नाव, अमेठी, सुल्तानपुर, लखनऊ के कई विधायक और पूर्व सांसद पीएम मोदी के जनसभा में पहुंचे। जनसभा के बाद सभी यही कहते फिर रहे थे कि इस बार तो उनका टिकट पक्का है, लेकिन शायद इन नेताओं ने पीछे खाली कुर्सियों पर नजर नहीं डाली।
अपने भाषण के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यहां पर कुछ लोग बोलते हैं तो पाकिस्तान में तालियां बजती हैं। उनका इशारा आए दिन कांग्रेस नेताओं की ओर से दिए जा रहे बयान की तरफ था। कहा कि हम देश की आन बान के लिए हमेशा तत्पर हैं। यही वजह है कि सेना को मजबूत करने का काम किया, जबकि कांग्रेस ने सेना को कमजोर करने की कोशिश की।
पीएम मोदी की जनसभा के बाद हर कोई भीड़ का अनुमान लगा रहा था। कोई जनसभा में 22 हजार भीड़ आने की बात कह रहा था तो कोई 40 हजार की भीड़ बता रहा था। यही नहीं कई ऐसे लोग थे, जो यह कह रहे थे कि भीड़ थी ही नहीं। लोग कहते रहे कि अधिकारियों और जिला प्रशासन में सांमजस्य न होने से भीड़ कम आई।