भारी उद्योग मंत्रालय की टीम ने जांची एनटीपीसी
रायबरेली। एनटीपीसी हादसे की जांच दर जांच चल रही है, लेकिन अभी तक किसी टीम ने हादसे की वजह का खुलासा नहीं किया है। दिल्ली से आई दो टीमें जांच के बाद लौट गई हैं। अब भारी उद्योग मंत्रालय भारत सरकार की तीसरी टीम भी बुधवार को एनटीपीसी ऊंचाहार आ धमकी। इस टीम ने करीब चार घंटे तक धमाकेदार वाली यूनिट नंबर छह को जांचा-परखा और यह जानने का प्रयास किया कि यूनिट निर्माण में कंपनी नियमों और गुणवत्ता का पालन किया गया या नहीं। जांच टीम बॉयलर, टरबाइन, हॉपर समेत अन्य उपकरणों की पड़ताल के बाद लौट गई।
एनटीपीसी सूत्रों का कहना है कि टेक्निकल डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियलपॉलिसी एंड प्रमोशन के एडवाइजर टीएसडी नारायणनन, केंद्रीय विद्युत नियामक(सीईए) के निदेशक एनएस मंडल, गुजरात यूनिट डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रीज के निदेशक बॉयलर जेआई पटेल और लेबर डिपार्टमेंट यूपी गर्वमेंट के निदेशक बॉयलर आरके पूर्वे आदि की टीम बुधवार को एनटीपीसी ऊंचाहार पहुंची और 500 मेगावाट की यूनिट नंबर छह जाकर वहां की गहराई से पड़ताल की। यह यूनिट सीआईएसएफ के घेरे में है। यूनिट के अंदर सिर्फ जांच करने आने वाली टीमों को ही जाने की इजाजत है।
एनटीपीसी सूत्रों का कहना है कि जांच अधिकारियों ने सबसे पहले बॉयलर का परीक्षण किया। इसके बाद टरबाइन, हॉपर समेत अन्य उपकरणों का बारीकी से जांच की। टीम ने यह जानने का प्रयास किया कि आखिर किन वजहों से बॉयलर में विस्फोट हुआ। यह जानने की भी कोशिश की कि कहीं बॉयलर की गुणवत्ता या फिर उसके फिटिंग सिस्टम में तो गड़बड़ी नहीं थी। टीम का खास जोर कंपनी अधिनियम के पालन को लेकर भी रहा। टीम ने जानने का प्रयास किया कि कहीं ऐसा तो नहीं कि कंपनी अधिनियम और उसके निर्देशों का कार्यदायी संस्थाओं ने पालन ही न किया हो। बहरहाल उच्चाधिकारियों की जांच टीम ने कई घंटे रहकर बॉयलर धमाके की वजहों को तलाशा और शाम को लौट गई। इस दौरान एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक परिचालन एवं तत्कालीन जीएम प्रकाश तिवारी भी मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने जांच टीम पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उधर, एनटीपीसी के पीआरओ एके श्रीवास्तव का कहना है कि भारत सरकार की भारी उद्योग मंत्रालय की टीम बुधवार को जांच के लिए आई थी और देर शाम लौट गई।
उच्चाधिकारियों से बात करबताएंगे कब होगी जांच
एडीएम वित्त एवं राजस्व का कहना है कि एनपीटीसी हादसे की जांच के लिए खुद सेंट्रल की जांच टीम बना दी गई है। इसलिए एनटीपीसी की ओर से दस्तावेज टीम को सौंपे जाएंगे। मजिस्ट्रेटी जांच कब शुरू होगी, यह उच्चाधिकारियों से वार्ता करके बताएंगे।