ठंड में ठिठुरेंगे 2.39 लाखविद्यार्थी
रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग राम भरोसे ही चल रहा है। पहले ड्रेस वितरण में देरी हुई, फिर पुस्तकों के वितरण मेें काफी समय बाद टेंडर प्रक्रिया को पूरा कराया गया। अब ठंड शुरू होने के बाद भी बच्चों को स्वेटर नसीब नहीं हो सके हैं। नगर निकाय चुनाव के लिए प्रदेश स्तर पर स्वेटर खरीद करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई। टेंडर प्रक्रिया को आयोग ने गंभीरता से लिया है। यदि समय से टेंडर प्रक्रिया नहीं हो सकेगी तो जिले के 2.39 लाख बच्चों को ठंड में स्वेटर नहीं मिल सकेंगे और उनको ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ेगा।
जिले के प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में 2.39 लाख बच्चों को इस साल पंजीयन हुआ है। पात्र बच्चों को ड्रेस का वितरण पहले ही हो चुका है। हालांकि ड्रेस वितरण में भी देरी की गई। पाठ्य पुस्तकों के वितरण के बाद अब ठंड आ गई है। ठंड में ही बच्चों को स्कूल जाने के लिए स्वेटर की व्यवस्था होनी है। इसके लिए प्रदेश स्तर पर ही टेंडर प्रक्रिया को पूरी कराकर स्वेटर का वितरण बच्चों में कराना है। अब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर स्वेटर के वितरण शुरू करा देना था, लेकिन विभाग द्वारा लापरवाही बरतने के कारण अब तक टेंडर प्रक्रिया तक पूरी नहीं हो सकी है।
इस बीच 27 अक्तूबर को नगर निकाय चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो गई। ऐसी स्थिति में बिना आयोग से अनुमति लिए टेंडर प्रक्रिया को आरंभ नहीं किया जा सकता है। इसके बाद भी टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन चुनाव के कारण प्रक्रिया प्रभावित हो गई है। चुनाव के दौरान स्वेटर का वितरण भी नहीं हो सकता है। बीएसए संजय कुमार शुक्ला का कहना है कि शासन स्तर से स्वेटर की व्यवस्था होने के बाद ही बच्चों में वितरण कराया जाएगा। स्वेटर के लिए टेंडर प्रक्रिया शासन स्तर पर हो रही है।