एक साल पहले हुई ब्लॉक और जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं के 11 हजार से भी अधिक खिलाड़ियों को अभी तक पुरस्कार नहीं मिला है।
इसके कारण ग्रामीण युवाओं का खेल से मोहभंग होने लगा है। वहीं सरकार की योजना धीरे-धीरे कागजों पर ही सिमटती जा रही है।
जिला युवा कल्याण विभाग को ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को आगे लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। केंद्र सरकार की योजना राजीव गांधी युवा खेल अभियान योजना के तहत ब्लॉक और जिला स्तरीय प्रतियोगिता कराई जाती है।
इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों को बकायदा नकद पुरस्कार दिया जाता है। वर्ष 2014-15 में विभाग की ओर से सभी ब्लॉकों में खेलकूद प्रतियोगिता कराई गई।
बजट नहीं होने पर विजेता खिलाड़ियों को बाद में पुरस्कार देने की बात कहकर लौटा दिया गया। इसके बाद जिला स्तरीय प्रतियोगिता कराई गई। इसमें भी विजेता खिलाड़ियों को मायूसी ही हाथ लगी।
इन प्रतियोगिताओं में 11 हजार 104 खिलाड़ियों ने जीत हासिल की। एक साल से अधिक हो चुका है। चैंपियन बनने के बाद भी खिलाड़ियों को पुरस्कार नहीं मिल सका है।
प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों को धनराशि के रूप में भुगतान खाता में आना था। इसके लिए कई खिलाड़ियों ने बैंक में खाता भी खोलवा लिया। लेकिन पुरस्कार राशि अभी तक नहीं मिली।
खिलाड़ी अजय कुमार, राजेश कुमार, सोनम, धर्मेंद्र आदि का कहना है कि जीत के बाद भी पुरस्कार नहीं मिला। अधिकारी बजट नहीं होने की बात कहकर चुप्पी साध लेते हैं।
जिला युवा कल्याण अधिकारी एमपी श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2014-15 में हुई प्रतियोगिता का अभी तक 8.65 लाख रुपये का बजट नहीं मिला है। पुरस्कार धनराशि मिलते ही खिलाड़ियों को वितरित करा दिया जाएगा।