रायबरेली। स्वराज इंडिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. योगेंद्र यादव ने कहा कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से देश अवसाद में डूबा हुआ है। यह राष्ट्रीय चिंता का विषय है, जिस पर सभी राजनीतिक दलों को एक हो जाना चाहिए। इस मामले में सरकार की सफलता और विफलता को 2019 के लोकसभा चुनाव में मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। यह समय सरकार पर छींटाकशी का नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव के बजाए सहयोग करने का है। आतंकी हमले का समुचित जवाब देना चाहिए।
प्रो. योगेंद्र यादव शुक्रवार को अधिकार अभिव्यक्ति मार्च के लिए यहां आए थे। कैपिटल हाल में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पुलवामा मामले में बर्फीली पहाड़ियों पर देश की सुरक्षा में तैनात सेना को ही तय करना चाहिए कि क्या करना है, क्योंकि बंद कमरों का राष्ट्रवाद खतरनाक होता है। पुलवामा मामले को चुनावी मुद्दा बनाने के बजाए किसानों और नौजवानों के मुद्दों को उठाया जाए तो बेहतर होगा।
राजनीति में प्रियंका के आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अप्रासंगिक है। नेहरू-गांधी परिवार के एक और सदस्य यानी प्रियंका गांधी के आ जाने से अचानक समीकरण बदल नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण देश में बेरोजगारी का अभूतपूर्व संकट पैदा हो गया है।
उधर, जय किसान आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक अविक साहा ने कहा कि यूपी सरकार की अदूरदर्शिता व गलत नीतियों के कारण छुट्टा मवेशी किसानों के लिए संकट बन गए हैं। पहले से ही परेशान किसान और बदहाल हो गया है। और योगी सरकार चैन से बैठी है।