अमावां (रायबरेली)। मिल एरिया थाना क्षेत्र में श्रमिक की मौत से परिवारीजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी ने रायबरेली-फैजाबाद हाईवे जाम कर दिया।
परिवारीजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित थे। इस दौरान पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और लापरवाही का आरोप लगाया।
कहा कि गांव के कुछ लोग 20 दिसंबर को गांव के कुछ लोग मृतक को बुलाकर ले गए थे। हरचंदपुर थाना क्षेत्र में मारपीट कर उसे हाईवे के किनारे फेंक दिया।
शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। हाईवे जाम होने की जानकारी होने पर क्षेत्राधिकारी के अलावा पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची।
जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा देकर जाम खुलवाया। इस दौरान करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। मिल एरिया थाना क्षेत्र के पूरे बृजवासी गांव निवासी श्यामलाल ने बताया कि उसके भाई मनोज कुमार (35) को 20 दिसंबर को गांव के ही भारतलाल और रामसागर काम करने के बहाने बुलाकर ले गए थे।
परिवारीजनों का आरोप है कि रात करीब 10 बजे सूचना दी गई कि मनोज कुमार दुर्घटना में घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया था, जहां शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई।
श्यामलाल ने बताया कि उसके भाई की पिटाई कर हरचंदपुर थाना क्षेत्र के उस्मानपुर के पास फेंक दिया था। मामले की तहरीर थाने में दी गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली थी, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं की थी।
आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से खफा ग्रामीणों व परिवारीजनों ने गांव के पास रायबरेली-फैजाबाद हाईवे जाम कर दिया। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
सूचना हरचंदपुर, मिलएरिया पुलिस के अलावा क्षेत्राधिकारी सदर गोपीनाथ सोनी मौके पर पहुंचे। सीओ ने जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा देकर जाम समाप्त कराया।
करीब एक घंटे तक हाईवे जाम होने से लोग बेहाल रहे। एसओ जेपी यादव का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है।