रायबरेली। जिला कारागार में रविवार को एक विचाराधीन बंदी का शव शौचालय में गमछे के सहारे फंदे से लटका मिला। वह दहेज हत्या के मामले में बंद था।
बंदीरक्षकों ने शव को नीचे उतारा और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट जयचंद्र पांडेय ने जेल पहुंचकर जेल अधीक्षक पीके शुक्ला से घटना के बारे में जानकारी ली।
बंदी के फांसी लगाए जाने की अब तक कोई वजह सामने नहीं आई। जेल के अंदर बंदी के खुदकुशी कर लेने की घटना से अफसरों में हड़कंप मच गया।
बताते है कि बंदी का दाहिना हाथ पहले से ही कटा हुआ था। ऐसे में जेल प्रशासन की कहानी पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कोई एक हाथ से कैसे फांसी लगा सकता है।
खीरों थाना क्षेत्र के पुरानी बाजार निवासी गुड्डू उर्फ भानु प्रताप रैदास पुत्र स्व. रामगुलाम दहेज हत्या के मामले में 17 जुलाई 2018 को जेल में बंद हुआ था।
गुड्डू जेल की बैरक नंबर सात में बंद था। दोपहर करीब 12.15 बजे गुड्डू बैरक के बाहर बने शौचालय में गया था। कुछ देर बाद शौचालय के अंदर से नहीं निकला तो बंदीरक्षक मौके पर पहुंचे।
बंदीरक्षकों ने प्रसाधन का दरवाजा खोला तो उसका शव रोशनदान में गमछे से लटक रहा था। इसकी जानकारी जेल अधीक्षक को दी गई।
फौरन उसे नीचे उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने बंदी को मृत घोषित कर दिया। बंदी के खुदकुशी की घटना ने जेल की सुरक्षा की चूक उजागर कर दी है।
इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज हरिसरन सिंह ने बताया कि बंदी का दाहिना हाथ पहले से कटा हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कोई एक हाथ से कैसे फांसी लगा सकता है। लेकिन घटना की कोई वजह अभी तक सामने नहीं आई है।