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नौकरानी का बेटा ही निकला कातिल, साथियों संग किया मर्डर

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रायबरेली। शहर के बेलीगंज में बुजुर्ग महिला की हत्या से पर्दा उठ गया है। नौकरानी का बेटा ही कातिल निकला। उसने साथियों के साथ महज इसलिए महिला की हत्या कर दी, क्योंकि इन सभी को नए साल की पार्टी मनाने के लिए रुपये चाहिए थे। पुलिस ने पड़ताल शुरू की तो चार घंटे में ही मर्डर की पूरी सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेज दिया। इसमें से दो आरोपी नाबालिग हैं। मुख्य आरोपी ने अपनी मां को भी इस घटना के बारे में कुछ नहीं बताया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया माल भी बरामद कर लिया है।
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पुलिस कार्यालय में शनिवार को एसपी शिवहरि मीणा ने इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि बेलीगंज की रहने वाली श्रीमती संतोष कपूर (82) की शुक्रवार की शाम लूटपाट के बाद हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में शबाना (36), मो. आरिफ (21) निवासी कांशीराम कॉलोनी थाना मिल एरिया व दो अन्य नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। एसपी ने बताया कि पकड़े गए एक नाबालिग आरोपी की मां लक्ष्मी मृतका के घर में नौकरानी है। इसलिए उसका घर आना-जाना रहता था। नए साल की पार्टी मनाने के लिए रुपयों की जरूरत थी। इसलिए उसने साथियों के साथ लूट के इरादे से महिला के घर पहुंच गए। लूटपाट की और विरोध करने पर ईंट से कूंच-कूंचकर उसे मार दिया। रतापुर से ईंट उठाकर ले गए थे। एसपी ने बताया कि पकड़े गए दूसरे नाबालिग आरोपी की मां शबाना है। वह लूटे गए लैपटॉप को घर ले गया था। जिसे उसकी मां शबाना ने तोड़ दिया। साक्ष्य मिटाने में उसे दबोचा गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर दो सोने की अंगूठी, दो चूड़ी सोने की, चार महंगे मोबाइल, एक लैपटॉप चार्जर मिला है। एसपी ने बताया कि मर्डर का खुलासा करने में एएसपी शशिशेखर सिंह, सीओ सदर शेषमणि उपाध्याय, कोतवाल नागेश मिश्रा, स्वाट-सर्विलांस टीम प्रभारी राकेश सिंह, जहानाबाद चौकी इंचार्ज शैलेंद्र सिंह, त्रिपुला चौकी इंचार्ज विजय कुमार की अहम भूमिका रही।

मां को नहीं थी कानोकान भनक, बेटा ने विश्वास का घोंट दिया गला
करीब 13 साल से लक्ष्मी मृतका श्रीमती संतोष कपूर के घर पर नौकरानी के रूप में कार्य कर रही थी। इतने समय में लक्ष्मी ने मृतका की खूब सेवा की। कभी उसे पराए का होने का एहसास नहीं कराया। उसे तो संतोष कपूर की हत्या की कानोकान खबर नहीं थी, बल्कि उसने उसके अपने ही खून ने उसके विश्वास का गला घोंट दिया। एसपी की मानें तो कुछ दिन पहले आरोपी बेटे ने मृतका के घर से छह हजार रुपये भी चोरी कर लिए थे।
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पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के ईनाम की घोषणा
शहर के चर्चित मर्डर का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के ईनाम की घोषणा की गई है। पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ परिक्षेत्र की तरफ से 15 हजार रुपये और एसपी रायबरेली की ओर से दस हजार रुपये के ईनाम दिए जाने की घोषणा की गई है।
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