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अपर श्रमायुक्त लखनऊ मंडल ने दिए मुआवजे की धनराशि जमा करने के निर्देश-AMBEDKAR NAGAR

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एनटीपीसी ही नहीं, श्रम विभाग भी देगा श्रमिकों को मुआवजा
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रायबरेली। एनटीपीसी के बॉयलर में हुए धमाके के बाद मारे गए और घायल श्रमिकों को मुआवजा दिलाने के लिए श्रम विभाग सक्रिय हो गया है। एनटीपीसी में घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद लखनऊ मंडल के अपर श्रमायुक्त ने एनटीपीसी को मुआवजे की धनराशि को विभाग के खाते में जमा करने के निर्देश दिए हैं। श्रमिकों को पांच से 10 लाख रुपये तक मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके अलावा एनटीपीसी भी अलग से श्रमिकों को मुआवजा बांट रही है।
एनटीपीसी हादसे में 36 श्रमिकों की मौत हो गई है। 75 से अधिक श्रमिक गंभीर और साधारण रूप से झुलसे हैं। कर्मकार प्रतिकर अधिनियम 1923 के तहत श्रम विभाग ने श्रमिकों को मुआवजा दिलाएगा। एनटीपीसी ने चाहे श्रमिकों का बीमा कराया हो या नहीं, उसे श्रमिकों को मुआवजा सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के सहारे उपलब्ध कराना होगा। श्रम विभाग की टीम ने मंगलवार को एनटीपीसी के घटना स्थल पर पहुंचकर जायजा भी लिया। मामले में लखनऊ मंडल के अपर श्रमायुक्त ने एनटीपीसी के श्रमिकों को देने के लिए मुआवजे की धनराशि को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग को धनराशि मिलने के बाद मृत श्रमिकों के परिवारीजनों और घायल श्रमिकों को तय मानक के अनुरूप मुआवजे की धनराशि दी जाएगी। उधर एनटीपीसी की ओर से श्रमिकों को मुआवजा बांटा जा रहा है। साथ ही घायल श्रमिकों के इलाज में भी सहयोग कर रहा है।
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धनराशि न देने पर एनटीपीसी पर होगा मुकदमा
श्रमिकों को मुआवजा देने के लिए श्रम विभाग को धनराशि उपलब्ध न कराए जाने पर एनटीपीसी पर मुकदमा भी किया जा सकता है। कर्मकार प्रतिकर अधिनियम 1923 के तहत श्रम विभाग संबंधित संस्था से धनराशि लेकर श्रमिकों को दिलवाता है। यदि संस्था द्वारा धनराशि नहीं दी जाती है तो मुकदमा किया जाता है।
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एनटीपीसी को श्रमिकों को बांटने के लिए मुआवजे की धनराशि श्रम विभाग के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। श्रमिकों को पांच से 10 लाख रुपये तक मुआवजा दिया जाएगा। एनटीपीसी की ओर से धनराशि उपलब्ध न कराई गई तो मामले में मुकदमा भी किया जा सकता है। इस संबंध में उच्चाधिकारी निर्णय लेंगे।-विनोद शर्मा, श्रम प्रवर्तन अधिकारी
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