तीन घंटे हिरासत में रहे पूर्व मंत्री शारदा प्रसाद समेत 24 लोग
रायबरेली। पुलिस ने बृहस्पतिवार को अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग जा रहे लोकदल नेता पूर्व मंत्री शारदा प्रसाद शुक्ला समेत 24 लोगों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस के साथ तीखी तकरार भी हुई। तीन घंटे बाद सभी को छोड़ा गया। नेताओं ने कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त किए जाने और मृतकों के परिवार को 50-50 लाख रुपये दिए जाने की मांग की।
पूर्व मंत्री एवं लोकदल नेता शारदा प्रसाद शुक्ला, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे, पूर्व मंत्री वंशनारायन पटेल समर्थकों के साथ बृहस्पतिवार को अप्टा गांव जा रहे थे। सूचना पर पुलिस ने दरियापुर चौराहे पर घेराबंदी कर ली। सीओ शेषमणि उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट आलोक कुमार पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। सभी को अप्टा जाने से रोक लिया गया। इस दौरान पुलिस कर्मियों से लोकदल के नेताओं की कहासुनी भी हुई। इसके बाद सभी को भदोखर थाने ले जाया गया। तीन घंटे बैठाए रखने के बाद सभी को छोड़ दिया गया।
पूर्व मंत्री शारदा प्रसाद शुक्ला और राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने कहा कि मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने जिस तरह का बयान दिया है, वह उसके लिए माफी मांगे। बिना सोचे समझे बयान देने पर उनको मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए। पीड़ित परिवारों को मुआवजा राशि 50 लाख रुपये करनी चाहिए। हत्या की वारदात को हादसा बताने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
अप्टाकांड की सीबीआई जांच कराई जाए
आम आदमी पार्टी ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इसमें अप्टा हत्याकांड की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की है। कहा कि इस मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। जो दोषी है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। किसी निर्दोेष पर कार्रवाई न हो। इस मौके पर के जिला संयोजक बुद्धदेव सिकदार, गोर्बधन पटेल, नीतू आदि लोग मौजूद रहे।
सीबीआई जांच के लिए होगा आंदोलन
अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्गकांड को लेकर बछरावां कस्बे में आयोजित बैठक में पूर्व विधायक रामलाल अकेला ने कहा कि इस घटना को वर्ग संघर्ष का रूप पूरे समाज के लिए बहुत चिंता का विषय है। यूपी पुलिस की जांच से लोगों का भरोसा उठ चुका है। इसलिए पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराई जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर राम बहादुर यादव, जगदीश त्रिपाठी, राजेश सिंह आदि
मौजूद रहे।