रायबरेली। परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय के विशेष सचिव अरुण सिंघल व महानिदेशक (चिकित्सा शिक्षा) केके गुप्ता ने शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का निरीक्षण किया। निर्माणाधीन एम्स के हॉस्पिटल भवन का निरीक्षण करने के साथ ही एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स से मुलाकात करके समस्याएं पूछी।
बाद में किसान से एम्स को मिलने पर 49 एकड़ जमीन के मामले में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। विशेष सचिव अरुण सिंघल ने कहा कि पहले सत्र में 50 बच्चों का एमबीबीएस में दाखिला हुआ है। अगले सत्र में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए 100 दाखिले होंगे। उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल के भवन का काम मई-2020 में पूरा करा दिया जाएगा।
किसानों की जमीन लेने की प्रक्रिया चल रही है। जिला प्रशासन ने प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। जल्द ही जमीन की व्यवस्था होते ही एम्स के विस्तार का काम तेज हो जाएगा। परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय के विशेष सचिव अरुण सिंघल व महानिदेशक (चिकित्सा शिक्षा) केके गुप्ता शुक्रवार करीब 11.30 बजे एम्स पहुंचे।
डीएम शुभ्रा सक्सेना की मौजूदगी में उन्होंने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। विशेष सचिव ने एम्स के सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करके एम्स की जमीन, चिकित्सीय व्यवस्था आदि के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान रामा कांट्रक्शन कंपनी के आला अधिकारियों को समय अवधि के अंदर कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए।
विशेष सचिव ने एम्स की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं से मुलाकात करके उनकी पढ़ाई के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल के निर्माण का काम करीब 80 प्रतिशत तक पूरा चुका है। मई-2020 में निर्माण का काम पूरा हो जाएगा। किसानों की जमीन मिलने के बाद एम्स के विस्तार का काम शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि भवन बनने के बाद एमबीबीएस के दाखिले बढ़ाए जाएंगे। अगले सत्र में एमबीबीएस के 100 दाखिले की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस मौके पर उप निदेशक (एम्स) डीडीए एके सिंह, रजिस्ट्रार व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला, एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष, एसडीएम सदर शशांक त्रिपाठी, जेपी श्रीवास्तव, डीजीएम पीके जैन, जीएम राजीव बग्गा, वीपी सिंह, इंजीनियर मानवेंद्र सिंह, कर्मवीर, आदित्य शर्मा आदि मौजूद रहे।