रायबरेली। जिला अस्पताल में मरीजों को वेंटिलेटर व इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) की सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। मंगलवार को 10 बेड के आईसीयू को संचालित करा दिया गया है। इमरजेंसी में गंभीर मरीजों के आने पर भर्ती कर इलाज शुरू किया जाएगा। इसके लिए नोडल अधिकारी को नामित कर दिया गया है। सभी बेडों पर ऑक्सीजन की भी व्यवस्था की गई है।
बच्चा वार्ड के बगल में ही मरीजों को यह सुविधा मिलेगी। आईसीयू शुरू होने के बाद मरीजों को एम्स व अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर नहीं करना पड़ेगा। मरीजों को विशेषज्ञ सेवाएं मिलेंगी। एम्स के अलावा किसी भी सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर व आईसीयू वार्ड की सुविधा नहीं थी। इस कारण सड़क दुर्घटना के घायलों सहित अन्य गंभीर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
जिला अस्पताल को कोरोना काल में ही पर्याप्त वेंटिलेटर मिल गए थे, लेकिन आईसीयू की सुविधा नहीं मिल सकी। तमाम प्रयास के बाद 10 बेड का पीकू वार्ड ही संचालित हो सका। महानिदेशक ने आईसीयू संचालित कराने के निर्देश दिए थे। पिछले तीन माह से आईसीयू को संचालित कराने की प्रक्रिया चल रही थी।
डॉ. आरबी यादव को नोडल और डॉ. शैलेश सिंह को आईसीयू का उप नोडल बनाया गया है। इमरजेंसी में गंभीर मरीज आते ही भर्ती कर इलाज शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही स्टॉफ को प्रशिक्षण के लिए लखनऊ भेजा जाएगा।
जिला अस्पताल में 10 बेड के वेंटिलेटर युक्त आईसीयू वार्ड को शुरू करा दिया गया है। गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया जाएगा। अब गंभीर मरीजों को एम्स या अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर नहीं करना पड़ेगा।
- डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल