पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाली इंदिरा मैराथन का 37वां संस्करण शनिवार को होगा। बृहस्पतिवार को मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में स्थित क्षेत्रीय खेल कार्यालय में जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने प्रेसवार्ता करते हुए आयोजन से जुड़ी तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मैराथन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है, मैराथन को जिला प्रशासन व खेल विभाग बेहद भव्य बनाएगा।
कहा कि यह शहर का प्रमुख आयोजन है, इसमें किसी भी तरह की कोई कमी किसी भी स्तर पर नहीं होगी। उनके साथ प्रेसवार्ता के दौरान क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी विमला सिंह, रुस्तम खान व देवी प्रसाद समेत खेल कार्यालय के कई अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने आयोजन से जुड़ी तैयारियों के बारे में जानकारी दी।
इस रूट पर होगी मैराथन
इंदिरा मैराथन के रूट में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। यह प्रतियोगिता पिछले साल के रूट पर ही आयोजित होगी। मैराथन की शुरूआत आनंद भवन से होगी, जिसके बाद स्वराज भवन, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, आयुक्त आवास, एसीसी हेड क्वार्टर, आर्मी रेड ईगल स्टेडियम, महर्षि पतांजलि, ट्रैफिक लाइन, म्योहाल चौराहा, धोबीघाट चौराहा, एजी भवन, बार काउंसिल, पोलो ग्राउंड, हाईकोर्ट, अंबेडकर चौराहा, पत्थर गिरजाघर, सुभाष चौराहा, हनुमान मंदिर चौराहा, मेडिकल चौराहा, सीएमपी डाटपुल, चुंगी, बैहराना चौराहा, नया पुल से होते हुए रीवां रोड पर पहुंचेगी। रीवा रोड पर धावक दौड़ते हुए दांदूपुर स्थित भारत पेट्रोल पंप तक पहुंचेंगे, जहां से वापसी होते हुए धावक पुन: नए यमुना पुल व हनुमान मंदिर चौराहे तक उसी मार्ग से आएंगे और सेंट जोसेफ स्कूल के सामने वाले चंद्रशेखर आजाद पार्क के प्रमुख द्वार (गेट संख्या-1) से प्रवेश कर स्टेडियम का एक चक्कर लगाकर दौड़ को पूरा करेंगे।