गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ ने मथुरा और कैराना प्रकरण को लेकर बसपा और सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि कैराना में हिंदुओं का उत्पीड़न 2001 से हो रहा है। सपा और बसपा ने वहां से हिंदुओं को भगाने का प्रयास किया। सपा के कार्यकाल में अपराध का ग्राफ इतना बढ़ गया कि इसको अपराध का प्रदेश कहा जाने लगा। आगे कहा कि विधानसभा 2017 के चुनाव में वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं।
शनिवार को पट्टी विधानसभा के करमाही गांव में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव व विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह के पिता के निधन पर शोक व्यक्त करने उनके आवास पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से कहा कि मथुरा में हिंसा के लिए सपा के बड़े नेता जिम्मेदार हैं। उनका रामवृक्ष यादव पर हाथ था। उन्होंने कहा कि दस, बारह वर्षों में प्रदेश में अराजकता, भ्रष्टाचार और गुंडई का बोलाबाला रहा है। इसके लिए सपा और बसपा दोनों पार्टियां जिम्मेदार हैं। कैराना मामले में कहा कि वहां से हिंदुओं के पलायन के लिए सपा सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। केंद्र सरकार हर बिंदु पर नजर रखे हुए है। उसने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से इसकी रिपोर्ट मांगी है। सूबे के मुख्यमंत्री के रूप में उनका चेहरा प्रस्तुत किये जाने पर चल रही चर्चाओं के सवाल का जवाब देते हुए योगी ने कहा कि सीएम पद के वह दावेदार नहीं हैं। एक सिपाही की तरह पार्टी का काम करता रहूंगा। पार्टी के और कई मिशन है। जिनके लिये वे काम कर रहे हैं। इसके पूर्व कोहड़ौर और मकूनपुर बाजार में हिंदू महासंघ और हिंदू युवा वाहिनी के द्वारा योगी आदित्यनाथ का भव्य स्वागत किया गया।