प्रतापगढ़। जिले में अवैध एक्सरे सेंटर भी संचालित किए जा रहे हैं। शहर से लेकर गांव तक अनगिनत एक्सरे केंद्रों का संचालन हो रहा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने महज नौ एक्सरे केंद्रों को लाइसेंस जारी किया है। जिनका लाइसेंस है, उनमें भी कुछ मानक के विपरीत संचालित हो रहे हैं। सीएमओ की नाक के नीचे यह खेल चल रहा है। मगर कार्रवाई किसी के खिलाफ नहीं की जाती है। जांच के नाम पर महज खानापूर्ति की जाती है।
शहर से लेकर गांव तक मानक के विपरीत एक्सरे सेंटरों का संचालन हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के मुताबिक जनपद में महज 9 एक्सरे सेंटरों का ही लाइसेंस जारी किया गया है। जबकि संचालन 50 से अधिक का हो रहा है। जिनका पंजीयन हुआ है, उनमें भी कुछ मानक के विपरीत चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुखिया कार्रवाई तो दूर कभी जांच करने के लिए नहीं जाते हैं। सिर्फ जिला व महिला अस्पताल के सामने ही दस से अधिक सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। शहर में कई निजी अस्पतालों और सीएचसी-पीएचसी के इर्द-गिर्द भी बिना रजिस्ट्रेशन के एक्सरे केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। कमीशन के फेर में सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक मरीजों को प्राइवेट सेंटरों पर भेजते हैं। वह सरकारी अस्पतालों के एक्सरे पर भरोसा नहीं करते हैं। इसके चलते मरीजों से अवैध रूप से संचालित हो रहे एक्सरे सेंटर के संचालक मोटी रकम वसूलते हैं।