महंगाई के इस दौर में नौकरीपेशा हों या आम आदमी हर कोई परेशान है। इसकी मार से बेहाल लोगों ने आम बजट में राहत मिलने की उम्मीद पाल रखी थी। लोगों को भरोसा था कि टैक्स का दायरा ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख किया जाएगा। लेकिन इस बजट से न तो नौकरीपेशा लोगों को ही राहत मिली और न ही दूसरों तबके को। आम बजट को लेकर नौकरीपेशा संग दूसरे लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया में बजट को निराशावादी ठहराया।
आम बजट पर शिक्षक ललित मिश्रा ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहाकि यह बजट निराश करने वाला है। टैक्स का दायरा बढ़ाने की जगह सर्विस टैक्स में भी इजाफा कर दिया गया। जो नौकरीपेशा लोगों के लिए बेहद निराशाजनक है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लोगों को बहुत सी उम्मीदें थी।
राज्य कर्मचारी महासंघ के महामंत्री वकील अहमद ने आम बजट को निराशावादी बताया। कहाकि केंद्र सरकार से नौकरीपेशा के साथ ही मध्यम वर्ग व निम्न वर्ग के लोगों को बहुत सी उम्मीदें थीं। नौकरीपेशा लोगों को भरोसा था कि सरकार इनकम टैक्स का दायरा ढाई से बढ़ाकर तीन लाख करेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस बजट ने लोगों के भरोसे को तोड़ दिया है।
सिंचाई विभाग के कर्मचारी रवींद्र बहादुर सिंह ने बजट में कमियां ही कमियां बताई। कहाकि बजट में न तो बेरोजगारों के लिए कुछ है और न ही वेतनभोगी के लिए। आम लोगों की सहूलियत का भी बजट में कोई ख्याल नहीं रखा गया। इस बजट ने सभी को निराश किया है।
सिंचाई विभाग के लिपिक त्रिवेणी पांडेय ने बजट को आम जनता के सपनों को तोड़ने वाला बताया। कहाकि लोगों को सरकार से उम्मीदें थी लेकिन बजट में ऐसा कुछ नहीं रहा। जिससे लोगों का सपना पूरा होता। नौकरीपेशा लोग हमेशा अपना टैक्स देते हैं। उनके भी स्लैब और टैक्स की दर में कोई कमी नहीं की गई।
पूर्व मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह ने कहाकि केंद्र की राजग सरकार हर तबके के लोगों को ध्यान में रखते हुए देश के चतुर्मुखी विकास के लिए बजट लाई है। इस बजट में हर खास व आम के लिए कुछ न कुछ है। बजट से देश के विकास में तेजी आएगी।
नगर पालिका अध्यक्ष व भाजपा नेता हरि प्रताप सिंह ने राजग सरकार के आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहाकि पहले बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर लोगों की सहूलियत का ख्याल रखा है। इससे कार्पोरेट से लेकर आम व्यक्ति को जरूर लाभ होगा। आने वाले दिनों में देश की विकास दर ऊपर उठेगी।