स्वास्थ्य विभाग कोरोना के मरीजों को लेकर कितना गंभीर है इसका अंदाजा उसकी तरफ से जारी किए गए प्रेस नोट को देखकर ही लगाया हा सकता है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी प्रेस नोट में अब तक जिले में 247 संक्रमित मरीज मिले हैं। इनमें से 1154 मरीज स्वस्थ्य होकर घर भी पहुंच चुके हैँ। यह कोई और नहीं बल्कि सीएमओ और उनके अधीनस्थ कार्य करने वाले कर्मचारी दावे के साथ कह रहे हैं।
सीएमओ डॉक्टर एके श्रीवास्तव ने संविदा कर्मचारी को कोरोना का नोडल अफसर बना दिया है। वह मनमर्जी रिपोर्ट तैयार कर मीडिया के सामने पेश करता है। खुद के साथ सीएमओ की कुर्सी के सलामत रखने के लिए कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या छिपाता है। ज्यादा पूछने पर फोन उठाना ही बंद कर देता है। यही हाल सीएमओ डॉक्टर एके श्रीवास्तव का है। वह मीडिया को किसी प्रकार की जानकारी नहीं देना चाहते हैं।
प्रेस नोट भी मनमाने तरीके से तैयार किया जा रहा है। रविवार को सीएमओ की ओर से जारी प्रेस नोट में साफ लिखा है कि 1154 मरीज स्वस्थ्य होकर घर जा चुके हैं। जबकि अभी तक जिले में महज 247 मरीज ही मिले हैं। इस मामले में नोडल बने सीसी सिंह से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा कि हम व्यस्त हैं, प्रेस नोट में जो लिखकर भेजा गया है वही सही है। एडी डॉक्टर सुधाकर पांडेय ने बताया कि हो सकता है लिखने में गलती हुई हो। इसकी जांच कराई जाएगी।
दो इनामी बदमाश गिरफ्तार
स्थानीय पुलिस ने रविवार सुबह मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर हत्यारोपित वांछित व 25 हजार के इनामिया बदमाश को धर दबोचा। सांगीपुर एसओ सतीश कुमार ने बताया कि इनामी बदमाश मनोज सरोज पुत्र इंद्रपाल सरोज निवासी गोड़वा, सांगीपुर को उसके घर के समीप से गिरफ्तार किया गया। मनोज नवंबर 2019 में पुरानी रंजिश को लेकर गांव के रवींद्र पुत्र रामलखन सरोज की हत्या में नामजद है। घटना में दर्जनभर लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी प्रकार अंकित पुत्र रामदयाल निवासी भोजपुर पुराने मामले मे वांछित चल रहा था. उसके ऊपर पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। उसको भी घर के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।