फतनपुर इलाके के केवराकला गांव में दो बच्चों के साथ कुएं में कूदने से उनकी मौत के मामले में अदालत ने मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। बच्चों संग कुएं में छलांग लगाने से उनकी मौत होने और मां के सुरक्षित बच जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश सुयश प्रकाश श्रीवास्तव ने उसे गैर इरादतन हत्या का दोषी माना है। जुर्माना नहीं अदा करने पर दो साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
फतनपुर इलाके के केवराकला गांव निवासी गीता देवी कनौजिया तीन जुलाई 2015 को अपने दो मासूम बच्चों को लेकर कुएं में कूद गई थी। गांव के लोग जब तक एकत्रित होकर उन्हें निकालने का प्रयास करते तब तक बेटा आयुष (3) और पुत्री सुप्रिया (6) की मौत हो गई थी। गीता देवी को किसी तरह सकुशल बाहर निकाल लिया गया था। चौकीदार रामआसरे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने गीता देवी को हिरासत में ले लिया था। मुकदमे के दौरान डीजीसी अनवारुल हसन ने बच्चों की मौत के लिए मां को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया। कोर्ट ने गवाहों के बयान पर गीता देवी पर दोष सिद्ध होने पर उसे गैरइरादतन हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।