राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) अब जिले में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को साक्षर बनाने की मुहिम शुरू करने जा रहा है। अभियान के तहत समूह से जुड़ी जो महिलाएं अभी तक निरक्षर हैं, उन्हें पढ़ना-लिखना सिखाया जाएगा। विभाग का मानना है कि जब महिला साक्षर होगी तभी वह समूह के हिसाब-किताब, बैंक लेनदेन और सरकारी योजनाओं को बेहतर समझ सकेगी। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर महिला साक्षरता कक्षाएं चलाई जाएंगी। समूह की पढ़ी-लिखी महिलाओं को ही प्रशिक्षक बनाया जाएगा, जो दूसरी महिलाओं को साक्षर करेंगी। योजना के तहत पहले चरण में निरक्षर महिलाओं को चिन्हित किया जा रहा है। डीसी एनआरएलएम देव कुमार ने बताया कि साक्षरता से महिलाएं न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि अपने बच्चों की शिक्षा पर भी ज्यादा ध्यान दे सकेंगी।